एक नया अध्ययन यह देखता है कि उम्र बढ़ने को लेकर चिंता महिलाओं की जैविक उम्र से कैसे जुड़ी है। इस अध्ययन में MIDUS कार्यक्रम के 726 महिलाओं के डेटा का उपयोग हुआ।
प्रतिभागियों से तीन तरह की चिंता पूछी गई: दिखने में कमी, स्वास्थ्य समस्याएँ, और प्रजनन क्षमता घटने का डर। रक्त के नमूने लेकर दो एपिजेनेटिक मापों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें एक उम्र बढ़ने की गति नापता है और दूसरा समय के साथ क्षति का अनुमान लगाता है।
मुख्य नतीजा यह था कि सामान्य चिंता, विशेषकर स्वास्थ्य बिगड़ने की चिंता, तेज़ जैविक उम्र बढ़ने से जुड़ी मिली। शोध ने यह भी बताया कि धूम्रपान और शराब जैसे व्यवहार इस संबंध को कम कर सकते हैं।
कठिन शब्द
- एपिजेनेटिक — जीन की गतिविधि बदलाने वाले रासायनिक बदलाव
- जैविक उम्र — शरीर की स्थिति दिखाने वाला माप
- प्रजनन क्षमता — बच्चे पैदा करने की शारीरिक शक्ति
- प्रतिभागी — किसी अध्ययन में शामिल व्यक्ति या लोगप्रतिभागियों
- धूम्रपान — तम्बाकू जलाकर उससे धुएँ का सेवन करना
- शोध — नया ज्ञान पाने के लिए किया गया अध्ययन
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि स्वास्थ्य की चिंता वास्तव में उम्र पर असर डाल सकती है? क्यों?
- क्या आपने अपने आस-पास किसी को धूम्रपान या शराब की वजह से स्वास्थ्य समस्या होती देखी है? छोटा जवाब दीजिए।
- यदि आप इस अध्ययन के प्रतिभागी होते, तो किस चिंता के बारे में सबसे ज्यादा सोचना करते? बताइए।
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