एक बहु-लेखक शोध ने यह दिखाया कि कार्यस्थल में समस्याओं का प्रस्तुतीकरण (framing) कर्मचारी आवाज़ को प्रभावित करता है। शोध का नेतृत्व Jeffery Thomas और Jonathan Booth ने किया था; टीम में Mark Bolino और Phil Thompson (Pamplin College of Business) भी थे। परिणाम Journal of Applied Psychology में प्रकाशित हुए और तीन अध्ययनों के साक्ष्यों पर आधारित थे।
पहले अध्ययन में प्रतिभागियों ने एक वास्तविक कार्य समस्या की कल्पना की और यादृच्छिक ढंग से संभावित हानियों या लाभों के बारे में लिखा। हानियों पर ध्यान देने वाले समूह ने प्रबंधक को सुझाव देने की अधिक इच्छा दिखाई। दूसरे अध्ययन में साझा टीम विफलता के परिदृश्य ने व्यक्तिगत विफलता की तुलना में बोलने की संभावना बढ़ाई।
तीसरे अध्ययन में तीन उद्योगों की कर्मचारी-प्रबंधक जोड़ियों का प्रयोग किया गया, जहाँ वास्तविक रिपोर्टों से देखा गया कि सामूहिक हानि के रूप में framed मुद्दे अधिक आवाज़ उत्पन्न करते हैं। शोध यह बताता है कि नेताओं की भाषा और प्रस्तुतीकरण कर्मचारियों की सुझाव देने की प्रेरणा बदल सकती है।
- प्रस्तुतीकरण बदलना सुझावों को बढ़ा सकता है।
- बोलना प्रदर्शन और सुरक्षा में मदद कर सकता है।
- नेताओं के लिए यह व्यावहारिक कदम है।
कठिन शब्द
- प्रस्तुतीकरण — किसी समस्या को पेश करने का तरीका
- यादृच्छिक — बिना किसी नियम या क्रम के होना
- परिदृश्य — कल्पित या वास्तविक घटनाओं की स्थिति
- सामूहिक — समूह से जुड़ा हुआ, कई लोगों का
- प्रेरणा — किसी कार्रवाई के लिए आंतरिक या बाहरी कारण
- साक्ष्य — किसी दावे का समर्थन करने वाली जानकारीसाक्ष्यों
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- नेताओं की भाषा बदलने से कर्मचारी सुझाव देने पर कैसे असर पड़ सकता है? अपने अनुभव या उदाहरण दें।
- क्या किसी समस्या को हानियों के रूप में प्रस्तुत करना हर संगठन में बोलने की प्रवृत्ति बढ़ाएगा? क्यों या क्यों नहीं?
- एक प्रबंधक समस्या प्रस्तुत करते समय कौन से व्यावहारिक कदम उठा सकता है ताकि कर्मचारी अधिक सुझाव दें? दो उदाहरण लिखें।