नवम्बर 2025 में पश्चिमी बाल्कन में समन्वित बॉट अभियानों ने एक्टिविस्ट और मीडिया के Instagram खाते निशाना बनाए। रिपोर्ट्स में नकली फॉलोअर और बड़े पैमाने पर रिपोर्ट भेजने की रणनीति बताई गई।
University of Georgia के शोध में 400 से अधिक बच्चों वाले दंपतियों का सर्वे दिखाता है कि जागरूकता (माइंडफुलनेस) जोड़ों को तनाव के समय अपने रिश्ते और सह-पितृत्व पर आत्म-विश्वास बढ़ाने में मदद कर सकती है।
रॉचेस्टर के शोधकर्ताओं ने एल्गोरिद्म विकसित किए जो एटॉमिक स्तर पर बताते हैं कि प्रोपेन प्रोपिलीन में कैसे बदलता है। इस समझ से उत्प्रेरक स्थिरता और अन्य औद्योगिक अभिक्रियाएँ बेहतर बन सकती हैं।
एक शोध ने दिखाया कि 24‑महीने के चूहों पर आठ हफ्तों के 35% कैलोरी प्रतिबंध से मांसपेशियों में प्रोटीन फॉस्फोराइलेशन बदलता है और इंसुलिन-प्रेरित ग्लूकोज़ ग्रहण बेहतर होता है। लिंगों में आण्विक प्रतिक्रियाएँ अलग थीं।
शोध बताता है कि सोशल मीडिया पोस्टों का विश्लेषण संकट के समय लोगों की आवाजाही के जल्दी संकेत दे सकता है। अध्ययन EPJ Data Science में प्रकाशित हुआ और X पर लगभग 2 million पोस्टों का परीक्षण किया गया।
कर्नाटक का देवदासी (Prevention, Prohibition, Relief and Rehabilitation) विधेयक, 2025 दंड से हटकर अधिकार-आधारित और सहभागितात्मक मॉडल पेश करता है। इसमें जागरूकता, कानूनी पहचान, आर्थिक सहायता और पुनर्वास के उपाय हैं।
शोध में पाया गया कि सोर्बिटॉल आंत से गुज़रकर यकृत में फ्रुक्टोज बन सकता है और यकृत रोग में योगदान दे सकता है। अध्ययन Gary Patti के नेतृत्व में Science Signaling में प्रकाशित हुआ।
दक्षिणपूर्वी मेक्सिको के टैबास्को में पाया गया अगुआदा फेनिक्स एक एक मील लंबा प्रीक्लासिक स्मारक है। उत्खननों ने इसे एक कॉस्मोग्राम और सामुदायिक धार्मिक परियोजना दिखाया है।
ETH Zurich के शोधकर्ताओं ने जर्मनी में एक प्रयोग किया जिसमें अनिश्चितता को अवसर के रूप में पेश किया गया। परिणामों में विविधता के प्रति सकारात्मक रुख, सामाजिक परिवर्तन का समर्थन अधिक और AfD को वोट देने की संभावना कम जुड़ी।
बाशकिरिया के युवा समोवर बैठकों से भाषा और परंपराएँ जीवित कर रहे हैं। आयोजन उफ़ा में पांच years ago छोटे समूहों से शुरू हुआ और अब कभी-कभी सैकड़ों लोग हिस्सा लेते हैं।
University of Georgia की टीम ने दैनिक रिपोर्टों से पाया कि भावनाएँ और संतोष रोज़ाना के रचनात्मक कामों से जुड़े हैं। सकारात्मक भावनाएँ आज और कल की रचनात्मकता दोनों का संकेत देती हैं।
2017 से 2023 के बीच ग्रामीण परिवारिक चिकित्सकों की संख्या घटी और देशव्यापी शुद्ध कमी 11% रही। यह कमी तब आई है जब 25-44 वर्ष के लोग ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहे हैं।