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कर्नाटक का 2025 देवदासी विधेयक: अधिकार और पुनर्वास (स्तर B2) — a large building with a lot of people around it

कर्नाटक का 2025 देवदासी विधेयक: अधिकार और पुनर्वासCEFR B2

28 नव॰ 2025

स्तर B2 – ऊपरी-मध्य स्तर
5 मिनट
241 शब्द

देवदासी प्रणाली शुरू में मंदिरों से जुड़ी एक धार्मिक और सांस्कृतिक भूमिका थी, जिसमें महिलाएँ अनुष्ठान, नृत्य और संगीत करती थीं। समय के साथ यह प्रणाली बदल गई और हाल के दशकों में कई देवदासी अपनी पारंपरिक भूमिकाएँ खो बैठीं तथा शोषण का सामना करना पड़ा। 1930 के बाद से कई क्षेत्रीय कानून बने, पर प्रथा पूरी तरह नहीं रुकी।

कर्नाटक देवदासी (Prevention, Prohibition, Relief and Rehabilitation) विधेयक, 2025 अब एक अधिकार-आधारित और सहभागितात्मक मॉडल प्रस्तुत करता है। विधेयक ने "conscientisation" का सिद्धांत रखा है, जिसमें जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य सेवाएँ और कानूनी शिक्षा शामिल हैं। मसौदा तैयार करते समय 15,000 से अधिक देवदासी महिलाओं, सक्रिय कार्यकर्ताओं और विद्वानों से परामर्श लिया गया। प्रमुख प्रावधानों में कानूनी पहचान, आर्थिक सहायता, मुआवजा और आवास सहायता, बच्चों के लिए पिता निर्धारण हेतु तालुक समिति और डीएनए परीक्षण, तथा कृषि भूमि आरक्षण और सहकारी खेती का समर्थन है।

आंकड़ों में अंतर है: National Commission for Women ने 2011 में 48,358 देवदासियों का आंकड़ा दिया, जबकि 2015 की Sampark रिपोर्ट में लगभग 450,000 बताया गया। KSWDC के कर्नाटक सर्वे में 1993–94 में 22,873 और 2007–08 में 23,787 देवदासी दर्ज हुए, जो राज्य में लगभग 46,660 बनते हैं। समर्थकों ने विधेयक का स्वागत किया; Sakhi Trust की समन्वयक मंजुला मालगी ने इसे दस वर्षों की वकालत का परिणाम बताया और National Law School of India University के आर. वी. चंद्रशेखर रामेनहल्ली ने इसे "संवैधानिक नैतिकता में निहित एक समग्र और अधिकार-आधारित विधायिका" कहा।

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कठिन शब्द

  • देवदासीमंदिरों से जुड़ी पारंपरिक महिला भूमिका
    देवदासियों
  • शोषणकिसी के साथ दुर्व्यवहार या अन्याय करना
  • विधेयककानून बनाने के लिए प्रस्तावित दस्तावेज
  • अधिकार-आधारितनागरिकों के अधिकारों को प्राथमिकता देने वाला तरीका
  • सहभागितात्मकलोगों के शामिल होने पर आधारित तरीका
  • मसौदाकिसी दस्तावेज या कानून का प्रारम्भिक रूप
  • कानूनी पहचानकानून के अनुसार मान्यता या दस्तावेज
  • मुआवजाकिसी नुकसान या हानि के लिए दिया गया भुगतान
  • तालुक समितिस्थानीय स्तर की निर्णय या जाँच समिति
  • डीएनए परीक्षणजैविक नमूने से पहचान करने की वैज्ञानिक जांच

युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।

चर्चा के प्रश्न

  • विधेयक में बताए गए प्रावधान अपनाने से देवदासी महिलाओं की किस तरह मदद हो सकती है? कारण बताइए।
  • आंकड़ों में बड़े अंतर से नीति बनाने और सहायता पहुंचाने में क्या कठिनाइयाँ हो सकती हैं? अपने विचार बताइए।
  • तालुक समिति और डीएनए परीक्षण जैसे कदमों के क्या संभावित लाभ और चिंताएँ हो सकती हैं? संक्षेप में चर्चा कीजिए।

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