इस अध्ययन में 66 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को देखा गया, जो कुशल नर्सिंग सुविधाओं में दाखिल हुए थे। टीम ने 2017 से 2022 के बीच Medicare क्लेम और इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स (EHR) का विश्लेषण किया।
शोध ने recombinant शिंगल्स वैक्सीन RZV (Shingrix) का कम से कम एक डोज़ लेने वाले लोगों की तुलना अनवैक्सिनेट लोगों से की। यह वैक्सीन 2017 में पेश की गई थी और आज शिंगल्स के लिए उपलब्ध अकेली वैक्सीन है।
चार साल के बाद वैक्सीनेट समूह में 18.8% लोगों को डिमेंशिया हुआ और अनवैक्सिनेट समूह में 24.6% । वैक्सीनेट लोगों में डिमेंशिया का जोखिम 24% कम पाया गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि और क्लिनिकल परीक्षण जरूरी हैं।
कठिन शब्द
- विश्लेषण — डेटा या जानकारी को गहरी तरह से देखना
- सुविधा — रहने या काम करने के लिए जगह या सेवासुविधाओं
- क्लेम — बीमारी या सेवा के लिए कंपनी को दिया गया दावा
- वैक्सीन — रोग रोकने के लिए दी जाने वाली दवा
- डिमेंशिया — याददाश्त और सोचने की क्षमता कम होना
- जोखिम — किसी बुरी बात के होने का संभावना
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चर्चा के प्रश्न
- अगर आप 66 साल या उससे बड़े हों, क्या आप यह वैक्सीन लेंगे? क्यों?
- आपको क्यों लगता है कि और क्लिनिकल परीक्षण जरूरी हैं?