एक अध्ययन जो Nature Communications में प्रकाशित हुआ है, चेतावनी देता है कि प्लास्टिक कचरा घरों में ईंधन के रूप में जलाना कम और मध्यम आय वाले शहरों में व्यापक रूप से प्रचलित है। शोधकर्ताओं ने 26 देशों में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों का सर्वे किया और अफ्रीका, एशिया तथा लैटिन अमेरिका के शहरों में इस प्रथा का पता लगाया। सर्वे का उद्देश्य यह समझना था कि मूलभूत सेवाओं में कमियाँ किस तरह रोज़मर्रा की सहनशील रणनीतियों को जन्म देती हैं।
शोधकर्ता इस प्रथा को दो प्रमुख समस्याओं से जोड़ते हैं। पहला यह कि कचरा संग्रह अक्सर अनियमित या अनुपस्थित होता है; प्लास्टिक सड़ता नहीं और स्क्रैप कलेक्टर सभी प्रकार स्वीकार नहीं करते, इसलिए प्रबंधन कठिन होता है। दूसरा यह कि ऊर्जा गरीबी के कारण गैस और बिजली उपलब्ध नहीं या बहुत महंगी होती हैं, जबकि लकड़ी और चारकोल दुर्लभ या महंगे होते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलगरी के Bishal Bharadwaj ने कहा कि "एकत्रित प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए जलाना आखिरी उपाय बन सकता है।"
अध्ययन ने सामान्यतः जलाए जाने वाले आइटमों की पहचान की: पानी और जूस की बोतलें, प्लास्टिक बैग, खाद्य पैकेजिंग, रासायनिक कंटेनर, प्लास्टिक पाइप और टूटे उपकरणों के हिस्से। अधूरा जलना सूक्ष्म कण और खतरनाक कार्बनिक यौगिक पैदा करता है, और कुछ प्लास्टिक्स जैसे PVC से डायऑक्सिन व फ्यूरन बनते हैं। मिस्र के राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र की Noha El-Halawany ने समझाया कि घरेलू चूल्हों जैसे अनियंत्रित ताप पर ये पदार्थ पूरी तरह नहीं जलते और जहरीले उपउत्पाद बनाते हैं, जो सतहों या भोजन व पानी को प्रदूषित कर सकते हैं। अध्ययन ने पुराने शोधों का हवाला देते हुए घाना के एक इलेक्ट्रॉनिक कचरा स्थल से निकले चिकन के अंडों में विषाक्त पदार्थ पाए जाने का उल्लेख किया।
प्रतिभागियों ने अनौपचारिक बस्तियों में कचरा प्रबंधन में सुधार को प्राथमिक समाधान बताया, उसके बाद स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों की पहुंच बढ़ाने और जागरूकता फैलाने को रखा गया। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि प्रतिबंध बिना व्यवहारिक विकल्पों के नुकसान बढ़ा सकते हैं। कैरो यूनिवर्सिटी की Aziza Mohamed इसे शहरी किनारों पर केंद्रित पर्यावरणीय अन्याय मानती हैं और ऐसी नीतियाँ चाहती हैं जो योजना, ऊर्जा और कचरा प्रबंधन को जोड़ें। लेखकों का कहना है कि अगला कदम स्थानीय स्तर पर काम करने वाले ठोस समाधानों के प्रमाण प्रस्तुत करना है।
कठिन शब्द
- प्रथा — किसी समाज या जगह में नियमित रूप से किया जाने वाला काम
- प्रबंधन — किसी चीज़ को संगठित और नियंत्रित करने की प्रक्रिया
- ऊर्जा गरीबी — जरूरी ऊर्जा सेवाओं तक पहुँच की कमी या महँगाई
- सूक्ष्म कण — बहुत छोटे ठोस या तरल कण जिन्हें आँख से नहीं देखा जाता
- डायऑक्सिन — जलने पर बनकर हानिकारक होने वाले कार्बनिक रसायन
- अनियंत्रित — बिना नियंत्रण या उचित निगरानी के किया गया
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चर्चा के प्रश्न
- आपके विचार में स्थानीय स्तर पर कौन से व्यावहारिक समाधान लागू किए जा सकते हैं ताकि लोग प्लास्टिक जलाने से रोकें? उदाहरण दें।
- यदि सरकार प्लास्टिक जलाने पर प्रतिबंध लगाती है, तो साथ में किन वैकल्पिक नीतियों की जरूरत होगी ताकि नुकसान न बढ़े?
- शहरी किनारों पर पर्यावरणीय अन्याय को कम करने के लिए ऊर्जा और कचरा प्रबंधन कैसे जोड़े जा सकते हैं?