शोध दर्शाता है कि हल्के COVID-19 या इन्फ्लूएन्जा के बाद भी शरीर पर लंबे समय असर रह सकते हैं। वैज्ञानिकों ने यह पता लगाने के लिए चूहे मॉडल का उपयोग किया और परिणाम Frontiers in Immunology में प्रकाशित हुए।
फेफड़ों में दोनों वायरसों ने दीर्घकालिक नुकसान के संकेत छोड़े। शोध में पाई गई प्रतिरक्षा कोशिकाएँ पूरी तरह शांत नहीं हुईं और कॉलोजन का अधिक जमाव देखा गया, जिससे ऊतक सख्त हो सकते हैं और सांस फूलने की समस्या बनी रह सकती है।
मस्तिष्क में COVID-19 वाले चूहों में सूजन और सूक्ष्म रक्तस्राव के क्षेत्र मिले, जबकि इन्फ्लूएन्जा प्रभावित जानवरों में यह कम था।
कठिन शब्द
- दीर्घकालिक — लंबे समय तक कायम रहने वाला
- प्रतिरक्षा कोशिका — रोग से लड़ने वाली शरीर की कोशिकाप्रतिरक्षा कोशिकाएँ
- कॉलोजन — ऊतकों में पाया जाने वाला एक प्रोटीन
- जमाव — एक जगह पर पदार्थ का इकट्ठा होना
- सूजन — शरीर के हिस्से का सूजकर बड़ा होना
- रक्तस्राव — शरीर से खून का निकलना
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आपने कभी किसी बीमारी के बाद लंबे समय तक असर महसूस किया है? बताइए।
- अगर फेफड़ों के ऊतक सख्त हों तो किस तरह की समस्या हो सकती है?
- शोध में चूहे मॉडल का उपयोग किए जाने के क्या फायदे हो सकते हैं?
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