एक समीक्षात्मक विश्लेषण Nutrition Reviews में प्रकाशित हुआ और इसके सह‑लेखकों में Eric Trexler शामिल हैं, जो Duke University में फेलो हैं, तथा हांगकांग के शोधकर्ता भी इसमें सहयोगी लेखक थे। समीक्षा ने वजन घटाने के दौरान आहार नियमों में ढील देने के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभावों की चर्चा की।
लेखकों ने पाया कि योजनाबद्ध विलासिताएँ कुछ लोगों को डाइट पर बनाए रख सकती हैं, जबकि अनियोजित या बिंज‑सदृश एपिसोड अपराध‑बोध, शर्म और अस्वस्थ खाने के पैटर्न को जन्म दे सकते हैं। शारीरिक दृष्टि से एक बड़ा भोजन दीर्घकालिक रूप से आमतौर पर बहुत बदलाव नहीं लाता, पर मानसिक मान्यता महत्वपूर्ण होती है।
जब विलासिताएँ अचानक या भावनात्मक रूप से होती हैं, तो अपराध‑बोध और अधिक खाने में बदल सकता है। योजनाबद्ध उच्च‑कैलोरी दिन प्रेरणा बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। समीक्षा कहती है कि केवल सीमित शोध मिला है और और अध्ययन की आवश्यकता है।
लेखक सुझाव देते हैं कि आहार में लचीलापन सोचने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं और खाने को सामाजिक‑सांस्कृतिक गतिविधि के रूप में देखना आवश्यक है।
कठिन शब्द
- समीक्षात्मक — पहले के शोधों का व्यवस्थित निरीक्षण
- विलासिता — कुछ विशेष आनंद देने वाली चीज़विलासिताएँ
- अनियोजित — बिना योजना या अचानक हुआ
- बिंज‑सदृश — बहुत अधिक मात्रा में खाने जैसा व्यवहार
- अपराध‑बोध — अपने कार्य पर दोष महसूस करने की भावना
- दीर्घकालिक — लंबे समय तक रहने वाला
- लचीलापन — स्थिति के अनुसार बदलने की क्षमता
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपके विचार में योजनाबद्ध विलासिताएँ किसी के लिए डाइट पर बने रहने में मदद कर सकती हैं? क्यों या क्यों नहीं?
- खाने को सामाजिक‑सांस्कृतिक गतिविधि मानने से लोगों की खानपान आदतों पर क्या असर पड़ सकता है?
- आप अपने जीवन में लचीलेपन वाली सोच को खाने‑पीने के संदर्भ में कैसे लागू कर सकते हैं?