एक प्रणालीगत समीक्षा, जो अगस्त में Frontiers in Public Health में प्रकाशित हुई, दिखाती है कि नागरिक विज्ञान कई स्वास्थ्य और कल्याण-संबंधी संकेतकों की निगरानी में योगदान दे सकता है। समीक्षा के लेखक IIASA और WHO के शोधकर्ता हैं।
रिव्यू में कहा गया है कि नागरिक विज्ञान सीधे या पूरक रूप से अनेक संकेतकों में मदद कर सकता है और यह स्थानीय स्तर पर डेटा अंतराल भरने में उपयुक्त है। IIASA की वरिष्ठ शोधकर्ता Linda See ने इस बिंदु पर ज़ोर दिया।
मुख्य लेखक Dilek Fraisl ने नागरिक विज्ञान को विभिन्न तरीकों का सेट बताया — कभी वैज्ञानिक-नेतृत्व वाले प्रोजेक्ट जहाँ स्वयंसेवक डेटा जमा करते हैं, कभी स्वयंसेवक शोध प्रश्न तय करके डेटा एकत्र और साझा करते हैं। समीक्षा में कुछ चुनौतियाँ भी बताई गईं, जैसे प्रतिभागियों की भर्ती और डेटा गुणवत्ता, पर लेखक कहते हैं कि बेहतर परियोजना‑डिजाइन और बढ़ती रिपोर्टिंग से भरोसेमंद डेटा संभव है।
कठिन शब्द
- प्रणालीगत — नियमित तरीके से किए गए अनुसंधान की समीक्षा
- नागरिक विज्ञान — सामान्य जनता द्वारा किया गया वैज्ञानिक काम
- संकेतक — किसी चीज़ के बारे में मापने वाला आंकड़ासंकेतकों
- निगरानी — किसी गतिविधि या स्थिति पर लगातार देखरेख
- डेटा अंतराल — उपलब्ध जानकारी में मौजूद कमी
- स्वयंसेवक — बिना भुगतान के काम करने वाला व्यक्ति
- गुणवत्ता — किसी वस्तु या जानकारी की मानक स्थिति
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि आपके स्थानीय क्षेत्र में नागरिक विज्ञान से डेटा अंतराल भरे जा सकते हैं? क्यों या क्यों नहीं?
- यदि आप एक नागरिक विज्ञान प्रोजेक्ट चलाएँगे तो प्रतिभागियों की भर्ती के लिए क्या तरीके अपनाएँगे?
- लेख में कहा गया है कि बेहतर परियोजना‑डिजाइन और बढ़ती रिपोर्टिंग से भरोसेमंद डेटा संभव है। आपकी राय में यह कैसे काम कर सकता है?