Self and Identity में प्रकाशित इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने मनोवैज्ञानिक लक्षणों पर उपलब्ध सबसे बड़े और सांस्कृतिक रूप से विविध डेटासेट में से एक का उपयोग किया। शोध में 53 देशों के 45,000 से अधिक लोगों ने नार्सिसिस्टिक लक्षणों का आकलन करने वाले सर्वे भरे।
अध्ययन ने नार्सिसिज़्म को अत्यधिक आत्म-सम्मान, अपेक्षाकृत कम सहानुभूति और दूसरों के प्रति कम मान के संयोजन के रूप में परिभाषित किया। कुल मिलाकर सबसे अधिक स्कोर वाले पाँच देशों में Germany, Iraq, China, Nepal और South Korea थे, जबकि सबसे कम स्कोर वाले पाँच देशों में Serbia, Ireland, United Kingdom, Netherlands और Denmark शामिल थे; संयुक्त राज्य अमेरिका सूची में 16वें स्थान पर रहा।
टीम ने उम्र और लिंग के स्पष्ट पैटर्न देखे: युवा वयस्कों के स्कोर बड़ों की तुलना में अधिक और पुरुषों के स्कोर महिलाओं से अधिक रहे, और यह पैटर्न देशों के पार टिकाऊ रहा। शोध ने यह भी दिखाया कि उच्च GDP वाले देशों में लोग औसतन अधिक नार्सिसिस्टिक थे, हालांकि इसने यह नहीं बदला कि युवा और बड़े वयस्कों के बीच कितना फर्क है, जैसा कि विलियम चोपिक (Michigan State University) ने कहा। सहलेखक मैसी मिसिकॉव्स्की ने बताया कि समूह-उन्मुख संस्कृतियाँ जरूरी नहीं कि आत्म-केंद्रित व्यवहारों को दबाती हों।
शोध दल का कहना है कि ये निष्कर्ष जीवन के अनुभवों, सामाजिक अपेक्षाओं और आर्थिक संदर्भों की परस्पर क्रिया के अध्ययन के नए रास्ते खोलते हैं और दिखाते हैं कि सांस्कृतिक और जैविक कारक मिलकर व्यक्तित्व की व्याख्या करते हैं।
कठिन शब्द
- नार्सिसिज़्म — व्यक्तिगत व्यवहार जिसमें खुद की अधिक प्रशंसा होती है
- सहानुभूति — दूसरों की भावनाएँ समझने और साझा करने की क्षमता
- समूह-उन्मुख — समूह की प्राथमिकता रखने वाली सामाजिक प्रवृत्ति
- परस्पर क्रिया — एक से दूसरे पर प्रभाव डालने की प्रक्रिया
- व्यक्तित्व — व्यक्ति की स्थायी सोच और व्यवहार की शैली
- निष्कर्ष — किसी अध्ययन से निकला सार या परिणाम
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चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि उच्च आर्थिक स्तर वाले देशों में औसतन अधिक नार्सिसिस्टिक स्कोर दिखे होंगे? अपने विचार के उदाहरण दें।
- लेख कहता है कि समूह-उन्मुख संस्कृतियाँ जरूरी नहीं कि आत्म-केंद्रित व्यवहार दबाएँ। इस बात के क्या सामाजिक नतीजे हो सकते हैं?
- शोध की यह खोज नीति या शिक्षा में किस तरह से उपयोगी हो सकती है? कुछ संभावित उपाय सुझाइए।