काठमाडौँ में कल्पना: पार्लर का काम और चुनौतियाँCEFR B2
29 दिस॰ 2023
आधारित: Nepali Times, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: sippakorn yamkasikorn, Unsplash
घर के आसपास की ग्रामीण नगरपालिका से आई कल्पना ने शादी के बाद काठमाडौँ में बसना शुरू किया। उसकी कहानी Suburban Tales के मासिक कॉलम में प्रकाशित प्रातिभा तुलाधर के लेख में मिली, जो पहले Nepali Times में छपी थी और बाद में Global Voices पर पुनःप्रकाशित हुई। घर छोड़ने से पहले उसने सौंदर्य कला की ट्रेनिंग ली—भौंह थ्रेडिंग, वैक्सिंग और फेशियल—यह सोचकर कि ये कौशल शहर और विदेश दोनों जगह काम आएँगे। वह छोटे-छोटे सुखों की उम्मीद भी करती थी, जैसे अच्छा कैमरा वाला मोबाइल।
वर्तमान में कल्पना रोजाना सुबह 10 से शाम 5 बजे एक काठमाडौँ के ब्यूटी पार्लर में काम करती है। नौकरी कम वेतन वाली थी, पर मालिक ने टिप्स का वादा किया और खर्चों के बाद वह महीने में लगभग 3,000 रुपए बचा पाती थी। रोजाना की बस यात्रा भी कठिन है; वह भीड़भाड़ और कभी-कभी अपमानजनक व्यवहार का सामना करती है।
कुछ ही हफ्तों में पार्लर का स्वरूप बदल गया क्योंकि व्यापार घट गया और मालिक ने दुकान पर "massage" का साइन लगा दिया। फेशियल बेड्स को मसाज टेबल में बदला गया और मालिक ने तीन महिलाओं को नई तकनीकें सिखाईं। मसाज के दौरान कल्पना कभी-कभी पुरुष ग्राहकों के बहुत नज़दीक आती है; एक बार किसी ग्राहक ने अनुचित सेवा की मांग की और वह कमरे से निकल आई। यह अनुभव उसके लिए चिंता का कारण है क्योंकि वह कहती है कि अगर उसके पति को यह पता चला तो प्रतिक्रिया हिंसक हो सकती है।
शहर और काम के प्रति उसके जज़्बात मिले-जुले हैं। वह कहती है कि यदि संभव होता तो वह किसी दूसरी नौकरी, यहाँ तक कि घरेलू सहायक के रूप में भी चली जाएँगी। फिलहाल उसके अगले कदम अनिश्चित हैं और उसकी प्राथमिक चिंताएँ पैसे और सुरक्षा से जुड़ी हैं।
कठिन शब्द
- वेतन — किसी काम के बदले मिलने वाला पैसा
- टिप्स — ग्राहकों से मिलने वाला अतिरिक्त पैसा
- बचाना — पैसे रखकर भविष्य के लिए रखनाबचा
- मसाज — शरीर की मालिश करने की क्रिया
- अनुचित — जो सही या मान्य नहीं हो
- अपमानजनक — ऐसा व्यवहार जो किसी को नीचा दिखाए
- सुरक्षा — हानि या खतरे से बचने की स्थिति
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- कल्पना की कहानी से आपको शहर में काम करने वाली महिलाओं की कौन‑सी सबसे बड़ी चुनौतियाँ दिखती हैं? उदाहरण दीजिए।
- कल्पना अगर दूसरी नौकरी ढूँढना चाहती है तो आप किस तरह की नौकरी सुझाएँगे और क्यों?
- पार्लर में मसाज जोड़ने से कर्मचारियों की सुरक्षितता और काम के अनुभव पर क्या असर पड़ा, अपने शब्दों में बताइए।