जेसोर की छात्रा-कार्यकर्ता फर्जाना सिथीCEFR B2
18 अक्टू॰ 2025
आधारित: Abhimanyu Bandyopadhyay, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Bornil Amin, Unsplash
फर्जाना सिथी जेसोर की छात्रा-कार्यकर्ता हैं और The Hunger Project, Bangladesh के साथ स्वयंसेवक के रूप में जुड़ी हुई हैं। दोनों पहलों ने उन्हें सामाजिक सक्रियता में एक स्पष्ट पहचान दी है।
जुलाई से अगस्त 2024 के युवा-नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान उनकी उपस्थिति और बोलने का अंदाज लोगों की नज़र में आया। उस समय वे महिलाओं के अधिकारों की आवाज के रूप में उभरीं और इसी कारण उनकी पहचान बनी।
नीचे उनकी प्रमुख भूमिकाएँ संक्षेप में दिख रही हैं:
- छात्रा-कार्यकर्ता, जो संगठित गतिविधियों में भाग लेती हैं।
- The Hunger Project, Bangladesh के साथ स्वयंसेवक।
- महिला अधिकारों की सार्वजनिक वकालत करने वाली आवाज।
इन भूमिकाओं के कारण फर्जाना स्थानीय सार्वजनिक चर्चा में आईं और युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन के संदर्भ में एक जाना-पहचाना नाम बन गईं।
कठिन शब्द
- छात्रा-कार्यकर्ता — पढ़ाई के साथ राजनीतिक काम करने वाली महिला
- स्वयंसेवक — बिना वेतन के किसी संगठन के लिए काम करने वाला व्यक्ति
- पहल — कोई आरंभिक काम या योजनापहलों
- सामाजिक सक्रियता — समाज में बदलाव के लिए सक्रिय काम करना
- वकालत — किसी विचार या अधिकार के लिए सार्वजनिक समर्थन करना
- उभरना — धीरे-धीरे सामने आना या दिखाई देनाउभरीं
- सार्वजनिक चर्चा — लोगों के बीच खुले तौर पर बात और बहस
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- ये भूमिकाएँ स्थानीय सार्वजनिक चर्चा और आंदोलन में किसी व्यक्ति की पहचान को कैसे प्रभावित कर सकती हैं? कारण बताइए।
- छात्रा-कार्यकर्ता और स्वयंसेवक की भूमिकाएँ महिलाओं के अधिकारों की वकालत में किस तरह मदद कर सकती हैं? उदाहरण दीजिए।
- युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों में किसी व्यक्ति का ‘आवाज़’ बनना किन जोखिमों और फायदे से जुड़ा हो सकता है? अपने विचार बताइए।