मलेशिया की फ़िल्म 'Hai Anis' ने ऑनलाइन ग्रूमिंग पर बहस छेड़ीCEFR B1
10 सित॰ 2025
आधारित: EngageMedia, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Muhammad Faiz Zulkeflee, Unsplash
निर्देशक Azura Nasron की फ़िल्म 'Hai Anis' उन मामलों का जवाब है जिन्हें उन्होंने देखा, जहाँ किशोरों को ऑनलाइन ग्रूम किया गया और फिर सुरक्षा देनी वाली संस्थाएँ असफल रहीं। EngageMedia ने फ़िल्म और Nasron का साक्षात्कार प्रकाशित किया और Global Voices ने इसे फिर से प्रकाशित किया।
Nasron बताती हैं कि सर्वाइवर्स को अक्सर खारिज कर दिया जाता है या चुप करा दिया जाता है। वे समझाती हैं कि ग्रूमिंग छोटे दयालु कामों और ध्यान से शुरू होती है; शिकारी देखभाल और समझदारी का दिखावा कर सकते हैं, इसलिए खतरा साफ़ नहीं दिखता। फ़िल्म ने उपदेशात्मक स्वर से बचते हुए वास्तविकता दिखाने पर जोर रखा और Gen Alpha की भाषा व हँसी-ठिठोली को समझकर कहानी बनाई।
Nasron ने सुझाव दिए: माता-पिता दोष न दें और अपराधियों को जवाबदेह ठहराएँ; स्कूलों में डिजिटल सुरक्षा और सहमति को मुख्य पाठ्य विषय बनाना चाहिए; नीति निर्माताओं को लागू होने वाली नीतियाँ और रोकथाम पर ध्यान देना चाहिए। फ़िल्म का शैक्षिक उपयोग भी हुआ: MAU के साथ My Body My Rules कार्यक्रम में तीन Klang Valley समुदायों तक पहुँचा गया और 24 छात्रों (13–17 साल) ने भाग लिया। 08 March, 2025 को Gerakbudaya में सार्वजनिक स्क्रीनिंग हुई, जहाँ दर्शकों ने गुस्सा, सहानुभूति और कार्रवाई की माँग दिखाई।
कठिन शब्द
- शोषण — किसी का गलत फायदा उठाना।शोषण के, शोषण के शिकार
- माता-पिता — बच्चों के लिए जिम्मेदार लोग।
- सुरक्षा — खतरों से बचाव करना।
- डिजिटल — तकनीक से संबंधित चीजें।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपके अनुसार शोषण के शिकार बच्चों की सुरक्षा कैसे की जा सकती है?
- फिल्में समाज में किस तरह का बदलाव लाती हैं?
- क्या आपको लगता है कि डिजिटल सुरक्षा पर शिक्षा जरूरी है? क्यों?