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COVID-19 और इन्फ्लूएन्जा के दीर्घकालिक प्रभाव (स्तर B1) — a tree covered in snow next to a forest

COVID-19 और इन्फ्लूएन्जा के दीर्घकालिक प्रभावCEFR B1

27 फ़र॰ 2026

स्तर B1 – मध्य स्तर
4 मिनट
182 शब्द

नए शोध से पता चला कि हल्का COVID-19 और इन्फ्लूएन्जा दोनों बुखार और खांसी खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक असर छोड़ सकते हैं। Tulane विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चूहों के मॉडल में संक्रमण साफ़ होने के बाद ऊतकों की तुलना की और परिणाम Frontiers in Immunology में प्रकाशित हुए।

फेफड़ों में दोनों संक्रमणों ने समान दीर्घकालिक नुकसान के संकेत दिखाए। शोधकर्ताओं ने ऐसी प्रतिरक्षा कोशिकाएँ पाईं जो पूरी तरह शांत नहीं हुईं और कॉलोजन नामक प्रोटीन का अधिक जमाव देखा गया, जो ऊतक को सख्त कर सकता है और सांस फुलने की समस्या की व्याख्या कर सकता है।

इन्फ्लूएन्जा के बाद फेफड़ों में मरम्मत की प्रतिक्रिया भी देखी गई जबकि COVID-19 में यह व्यापक रूप से नहीं मिली। मस्तिष्क में दोनों वायरस सीधे नहीं पाए गए, फिर भी COVID-19 वाले चूहों में कई हफ्तों बाद सूजन और सूक्ष्म रक्तस्राव देखे गए। जीन विश्लेषण में सेरोटोनिन और डोपामाइन नियमन में व्यवधान मिला।

लेखक Xuebin Qin ने कहा कि फेफड़े की क्षति दोनों संक्रमणों में मिली पर मस्तिष्क पर दीर्घकालिक प्रभाव SARS-CoV-2 के लिए विशिष्ट थे।

कठिन शब्द

  • दीर्घकालिकबहुत समय तक रहने वाला प्रभाव
  • प्रतिरक्षाशरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता
  • कोशिकाजीवों की छोटी और बुनियादी कार्य करने वाली इकाई
    कोशिकाएँ
  • कॉलोजनएक प्रोटीन जो ऊतक को मजबूत बनाता है
  • ऊतकशरीर के अलग हिस्सों के बनते हुए कोशिकाओं का समूह
    ऊतकों
  • सूजनकिसी हिस्से का सूजा, लाल या दर्द होना
  • व्यवधानकिसी प्रक्रिया या काम में बाधा या टूटफूट

युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।

चर्चा के प्रश्न

  • अगर हल्के संक्रमण के बाद भी लंबे समय तक असर रहते हैं, तो क्या मरीजों की ठीक होने के बाद निगरानी जारी रखनी चाहिए? अपने कारण बताइए।
  • फेफड़ों में समान नुकसान और मस्तिष्क पर अलग प्रभाव होने का क्या मतलब हो सकता है? संक्षेप में बताइए।
  • यह शोध चूहों पर किया गया था। क्या आप सोचते हैं कि यही परिणाम लोगों पर भी लागू होंगे? क्यों या क्यों नहीं?

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