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स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
86 शब्द
पार्किंसन रोग के मरीजों को सामान्यतः लेवोडोपा दिया जाता है। जब बीमारी बढ़ती है, तब डॉक्टर लेवोडोपा के असर को बढ़ाने के लिए अन्य दवाएँ जोड़ते हैं।
कैटेकोल-ओ-मेथाइलट्रांसफरेज़ अवरोधक (COMT-इन्हिबिटर) ऐसे दवाओं का एक समूह है। येल के नए शोध में पाया गया कि ये दवाएँ आंत के माइक्रोबायोम को बदल सकती हैं और इसलिए लेवोडोपा का लाभ घट सकता है।
शोध में Enterococcus faecalis नामक बैक्टीरिया का ज़िक्र है जो आंत में लेवोडोपा को बदलकर मस्तिष्क तक पहुँचने से रोक सकता है।
कठिन शब्द
- लेवोडोपा — पार्किंसन रोग में दी जाने वाली दवालेवोडोपा का
- अवरोधक — किसी क्रिया या रसायन को रोकने वाली दवा
- माइक्रोबायोम — आंत में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का समूह
- बैक्टीरिया — छोटे जीव जो आंत और अन्य स्थानों में रहते हैं
- आंत — पेट के अंदर खाने को पचाने वाली नलीआंत के, आंत में
- असर — किसी दवा या काम का परिणाम या प्रभाव
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप क्या सोचते हैं, आंत के माइक्रोबायोम बदलने से दवाओं का लाभ क्यों घट सकता है?
- यदि कोई दवा आपके लिए काम कम कर दे, तो आप डॉक्टर से क्या पूछेंगे?