एक नए अध्ययन में पाया गया कि 2008 की आर्थिक मंदी के बाद कई अमेरिकियों ने खुद को निचले वर्ग के रूप में देखना शुरू किया और यह बदलाव दीर्घकालिक रहा। शोध ने आत्म-धारणा को मापा और मीडिया के प्रभाव का भी संकेत दिया।
अमेरिका में मृदा में मौजूद कार्बन के अपघटन की मूल दर एक स्थान से दूसरे स्थान तक दस गुना तक बदलती पाई गई। शोधकर्ताओं ने नमूने लेकर प्रयोग और मशीन-लर्निंग मॉडल से यह भिन्नता और उसके कारण खोजे।
एक शोध ने दिखाया कि आधुनिक बड़े भाषा मॉडल चार-अंकीय गुणा जैसे सरल कार्यों में भी असफल रहते हैं। अध्ययन ने Implicit Chain of Thought (ICoT) और मानक फाइन-ट्यूनिंग के बीच अंतर और आंतरिक कारणों की जांच की।
एक अध्ययन ने PHQ स्क्रीनिंग प्रश्नों की शब्दावली पर चिंता जताई और सुझाव दिया कि बारंबारता और कष्ट (distress) अलग पूछने से आकलन बेहतर हो सकता है। अध्ययन JAMA Psychiatry में प्रकाशित हुआ।
Rockefeller University के शोधकर्ताओं ने cryo-EM से T सेल रिसेप्टर को झिल्ली जैसी स्थिति में देखा। उन्होंने पाया कि रिसेप्टर आराम में बंद रहता है और एंटिजन मिलने पर खुलकर सक्रिय होता है, जो उपचारों में मदद कर सकता है।
एक जनसंख्या-आधारित अध्ययन से पता चला कि दृष्टिहानि और घर में मौजूद खतरनाक परिस्थितियों का संयोजन बुज़ुर्गों के गिरने के जोखिम को काफी बढ़ा देता है। अध्ययन 2022 के US Medicare लाभार्थियों के डेटा पर आधारित है।
एक शोध टीम ने शैवाल-आधारित जेल से एक सिंथेटिक मेम्ब्रेन विकसित किया जो स्तन की एपिथेलियल कोशिकाओं का समर्थन कर सकता है। सामग्री की यांत्रिक और जैवरसायनिक विशेषताएँ बदली जा सकती हैं ताकि कोशिका विकास नियंत्रित हो सके।
Nature Food में प्रकाशित शोध बताता है कि IPC के आकलन सिस्टम अक्सर भूख की मात्रा को कम गिनते हैं। इससे कई लोग मानवीय मदद से बाहर रह सकते हैं और मापन व डेटा सुधार की जरूरत है।
एक अध्ययन ने 117वें कांग्रेस के सदस्यों के X पोस्टों का विश्लेषण किया और पाया कि मास शूटिंग के बाद डेमोक्रैट रिपब्लिकन से बहुत अलग प्रतिक्रिया देते हैं। ध्यान आमतौर पर शुरुआती 48 घंटे में घटता है।
2001 के WTC हमलों के बाद कई रिस्पॉन्डर्स में PTSD लंबा बना रहा। नए शोध ने MRI‑आधारित ग्रे‑व्हाइट कंट्रास्ट (GWC) इमेजिंग से मस्तिष्क संरचना में अंतर और पुनःअनुभव लक्षणों से जुड़ाव दिखाया।
शोधकर्ताओं ने HCMV को रोकने के लिए संरचना बदलकर इंजीनियर की हुई एंटीबॉडी विकसित की। प्रयोगशाला में इनसे वायरस का प्रसार कम हुआ, लेकिन क्लिनिकल उपयोग से पहले अधिक परीक्षणों की जरूरत है।
शोधकर्ताओं ने AI का उपयोग कर मंकीपॉक्स वायरस पर एक सतही प्रोटीन OPG153 पहचान की। प्रयोगशाला और चूहों पर टेस्ट ने दिखाया कि यह प्रोटीन एंटीबॉडी पैदा कर सकता है और नए वैक्सीन रास्ते खोल सकता है।