शोधकर्ताओं ने NEON के 20 साइटों से मृदा के नमूने एकत्र किए और उन्हें प्रयोगशाला में 18 महीने तक रखा। इस दौरान उन्होंने CO2 उत्सर्जन और 26 मृदा गुण मापे।
ये माप अपघटन दर और कार्बन उपयोग दक्षता का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। मशीन-लर्निंग ने उन मापों को चुना जो अपघटन में सबसे अधिक फर्क बताते हैं, जैसे मृदा प्रकार, pH, नाइट्रोजन और फफूंद की मात्रा।
फिर शोधकर्ताओं ने मॉडल बनाए और इन्हें महाद्वीतीय स्तर पर लागू कर भिन्नता के नक्शे तैयार किए। परिणाम बताते हैं कि मॉडल अपनी पुरानी धारणाएँ बदलें।
कठिन शब्द
- मृदा — पृथ्वी की ऊपरी सतह जहाँ पौधे उगते
- अपघटन — जैविक पदार्थ का टूटना और सड़न
- कार्बन उपयोग दक्षता — कार्बन को जीवों ने कितना काम में लिया
- मशीन-लर्निंग — कम्प्यूटर से जानकारी से सीखने की तकनीक
- फफूंद — छोटे जीव जो सड़न या पौधों को प्रभावित करते हैं
- महाद्वीतीय — किसी महाद्वीप के पूरे क्षेत्र से संबंधित
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं कि मृदा के नमूनों को 18 महीने तक रखना ठीक है? क्यों?
- महाद्वीतीय नक्शे देखकर वैज्ञानिक क्या जानकारी पा सकते हैं?
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