इस महीने Nature Communications, Earth and Environment में प्रकाशित एक अध्ययन दिखाता है कि पूर्वी एशिया में वायु प्रदूषण में गिरावट ने 2010 के बाद वैश्विक सतही तापमान में तेज़ी में योगदान दिया हो सकता है। शोध में कहा गया है कि इस अवधि में सल्फेट एरोसॉल उत्सर्जन लगभग 75% घटा।
पड़ताप का कारण यह है कि कम एरोसॉल से अधिक सौर विकिरण पृथ्वी की सतह तक पहुँचता है और सतह गर्म होती है। शोधकर्ता कहते हैं कि यह प्रभाव अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन क्षेत्रीय प्रभाव पहले से दिख रहे हैं, जैसे हीटवेव और मानसून में बदलाव।
कठिन शब्द
- सल्फेट — एक प्रकार का रासायनिक कण हवा में
- एरोसॉल — छोटे ठोस या तरल कण हवा में
- उत्सर्जन — किसी चीज़ का हवा में निकलना या छोड़ना
- सतही तापमान — धरती की सतह पर मापा गया ताप
- विकिरण — ऊर्जा का वह रूप जो रोशनी दे सकता है
- अल्पकालिक — जो समय में बहुत लंबा न हो
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपके इलाके में पिछले कुछ साल में हीटवेव या मानसून में कोई बदलाव दिखा है? बताइए।
- आपके ख्याल में वायु प्रदूषण घटने से स्थानीय मौसम पर कौन से फायदे या समस्याएं हो सकती हैं?
- लेख में बताए गए क्षेत्रीय प्रभावों में से कोई एक उदाहरण बताइए और उसका छोटा विवरण दीजिए।
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