WTC स्वास्थ्य कार्यक्रमों के आंकड़े दर्शाते हैं कि 2001 के हमलों के बाद लगभग 23 प्रतिशत रिस्पॉन्डर्स में पोस्ट‑ट्रामैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) विकसित हुआ और हमलों के करीब 25 साल बाद भी कई लोग PTSD के लक्षण अनुभव कर रहे हैं। इस पर किए गए हालिया अध्ययन के परिणाम Biological Psychiatry: Cognitive Neuroscience and Neuroimaging में प्रकाशित हुए।
अध्ययन में 99 WTC रिस्पॉन्डर्स के मस्तिष्क स्कैन देखे गए; समूह में लगभग आधे प्रतिभागी में क्रॉनिक PTSD था और आधे में नहीं। शोध टीम ने ग्रे‑व्हाइट कंट्रास्ट (GWC) नामक MRI‑आधारित माप का उपयोग किया, जो कॉर्टेक्स में ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर की सीमा की तीक्ष्णता को मापता है।
परिणामों से पता चला कि PTSD वाले व्यक्तियों में ग्रे मैटर का स्वरूप व्हाइट मैटर जैसा दिखाई दे रहा था और यह दोनों गोलार्धों में मायलिनयुक्त व अनमायलिनयुक्त न्यूरॉन्स के संतुलन में बदलाव को दर्शाता है। शोध ने यह भी संकेत दिया कि GWC में कमी कुछ कॉर्टिकल क्षेत्रों में मायलिन की अधिकता को दिखा सकती है, जबकि तीखा सीमांत स्तर सामान्य संक्रमण दिखाता है और कम स्पष्ट सीमा मायलिन के असामान्य संकेंद्रण और प्रसंस्करण गति में संभावित परिवर्तन का संकेत देती है।
अध्ययन ने यह भी पाया कि GWC को अन्य इंट्राकॉर्टिकल स्वास्थ्य संकेतकों के साथ जोड़ने से PTSD वाले रिस्पॉन्डर्स की पहचान करने की क्षमता बेहतर हुई। लेखक Sean Couston ने कहा कि एक संरचनात्मक ब्रेन इमेजिंग पैरामीटर PTSD वाले और ट्रॉमा‑एक्सपोज्ड परंतु PTSD मुक्त रिस्पॉन्डर्स के बीच फर्क कर सकता है। सह‑लेखक Roman Kotov ने आधुनिक विश्लेषणात्मक विधियाँ इस विकार के मस्तिष्क हस्ताक्षरों को उजागर करना शुरू कर रही हैं कहा, और सह‑लेखक Benjamin Luft ने निष्कर्षों को आघात द्वारा संवहनी अखंडता में बदलाव के जीववैज्ञानिक सबूत के रूप में बताया और कहा कि यह निदान व उपचार के नए तरीके सुझाता है। स्रोत: Stony Brook University.
कठिन शब्द
- पोस्ट‑ट्रामैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर — आघात के बाद बनता लगातार भय और तनाव का विकार
- ग्रे‑व्हाइट कंट्रास्ट — कॉर्टेक्स में ग्रे और व्हाइट मैटर सीमा की तीक्ष्णता माप
- मायलिन — नसों के आसपास शीथ जैसी वसा परत
- कॉर्टिकल — मस्तिष्क के बाहरी हिस्से का ऊपरी स्तर
- संवहनी अखंडता — रक्त नलिकाओं की सही स्थिति और कार्यक्षमता
- संकेंद्रण — किसी पदार्थ या तत्व का एक स्थान पर जमा होना
- प्रसंस्करण — मस्तिष्क में सूचना को बदलने या समझने की क्रिया
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चर्चा के प्रश्न
- PTSD में ग्रे‑व्हाइट सीमा का कम स्पष्ट होना मस्तिष्क की बनावट और कार्य पर किस तरह प्रभाव डाल सकता है? अपने विचार दें।
- यदि GWC और अन्य संकेतक मिलाकर PTSD की पहचान बेहतर करते हैं, तो यह निदान या उपचार के अभ्यासों में क्या बदलाव ला सकता है? कारण बताइए।
- इस अध्ययन के 99 रिस्पॉन्डर्स थे। आगे के शोध के लिए आप किन प्रश्नों या सुधारों को जरूरी मानेंगे?
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