दक्षिणी कज़ाखस्तान में भेड़ का दूध और कर्टCEFR B2
22 अक्टू॰ 2025
आधारित: Vlast.kz, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Fadhil Abhimantra, Unsplash
यह नरेटिव बताती है कि कैसे मक्खन और सूखा पनीर कर्ट कभी कज़ाखस्तान की nomadic दुग्ध संस्कृति का हिस्सा थे और अब केवल कुछ दक्षिणी गाँवों में बने रह गए हैं। कहानी Aliya Bolatkhan द्वारा लिखी गयी और Beatrice Learmouth ने रूसी से अनुवाद किया; यह मूलतः 17 सितंबर, 2025 को vlast.kz पर प्रकाशित हुई और Global Voices पर पुनर्प्रकाशित की जा रही है।
लेखक की टीम उन समुदायों में गयी जहाँ भेड़ का दूध अभी भी निकाला जाता है। वे एक ऐसी घाटी में गए जिसकी पहुँच केवल घुड़सवारी से संभव थी और दादा-दादी Nesipkhan और Rozikul से मिले। गर्मियों के पहाड़ी चरागाह बहुत खड़े होने के कारण टीम वहां नहीं रही, वे झुंड को तब देख पाए जब उसे गर्मियों के अंत में गाँव लाया गया। नाती Elzhas भेड़ पकड़े और Rozikul धातु बाल्टी में दूध निकालतीं। Nesipkhan 1981 से भेड़ पाला रहे हैं और वे बताते हैं कि वे गर्मियों में पशुओं को पहाड़ों पर और सर्दियों में रेगिस्तान में ले जाते हैं; वे कहते हैं कि पहले उन्हें तीस साल तक भेड़ियों से झुंड की रक्षा करनी पड़ी, लेकिन तीन साल पहले वे गायब हो गए।
दूध निकालने का मौसम अगस्त की शुरुआत में शुरू होता है, जब मेमने माँ से अलग किए जाते हैं। उसके बाद किसान पहले हर दूसरे दिन दूध निकालते हैं, फिर हर दो दिन पर करते हैं, और तीन से चार सप्ताह बाद दूध बड़े पैमाने पर बंद हो जाता है क्योंकि जानवर सूख जाते हैं। Rozikul के अनुसार, मौसम में 250–300 भेड़ों से लगभग 70kg कर्ट बनता है और कुछ karyn mai (भेड़ के पेट में संग्रहीत मक्खन) लगभग 5–6kg मिलता है; भेड़ पहली 60 दिनों में सबसे अधिक दूध देती हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि आज कज़ाखस्तान में भेड़ के दूध का औद्योगिक स्तर पर उत्पादन नहीं होता और भेड़ों को मुख्यतः मांस के लिए पाला जाता है। इसलिए दूध निकालना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है; यह हाथों और इशारों से सिखायी जाने वाली पारंपरिक कला है। यह प्रथा अब दुर्लभ है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह कुछ समुदायों से आगे फैलेगी या नहीं।
कठिन शब्द
- नरेटिव — किसी घटना की लिखित या बोली हुई कहानी
- दुग्ध — पशु से मिलने वाला दूध या उससे संबंधित चीज
- चरागाह — पशुओं का चरने और घास का मैदान
- झुंड — एक साथ घूमने या चरने वाले पशुओं का समूह
- कर्ट — भेड़ के दूध से बनाया गया सूखा पनीर
- पारंपरिक — पुरानी पीढ़ियों से चली आ रही प्रथा या तरीका
- औद्योगिक — फैक्ट्रियों या मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- इस लेख के आधार पर आप कैसे समझते हैं कि पारंपरिक दूध निकालने की कला क्यों महत्व रखती है? अपने विचार दें।
- क्या आपको लगता है कि ऐसी प्रथाएँ भविष्य में बनी रहेंगी या गायब होंगी? अपने कारण बताइए।
- स्थानीय स्तर पर औद्योगिक उत्पादन का अभाव गांवों के सामाजिक या आर्थिक जीवन को कैसे प्रभावित कर सकता है? उदाहरण या तर्क दीजिए।