NYU के Center for Health and Aging Innovation के शोधकर्ताओं ने परिवारों में आयु‑विरोध पर काम किया। पेपर का नेतृत्व स्टेसी गॉर्डन ने किया और सह‑लेखक अर्नेस्ट गोंजालेस हैं। लेखक तर्क करते हैं कि परिवारों के भीतर आयु‑विरोध एक गंभीर सामाजिक समस्या है और कुछ मायनों में यह नस्लवाद और लैंगिक भेदभाव जैसा है।
अध्ययन बताता है कि बुजुर्गों की भूमिकाओं के नियम, पारिवारिक परंपराएँ और नकारात्मक धारणा मिलकर परिवारों के व्यवहार को आकार देते हैं। भाई‑बहन और मित्र यह सोच जानकर या अनजाने में आगे फैलाते हैं और बुजुर्ग खुद भी इन विचारों को अपनी आत्म‑छवि में ले लेते हैं। एक सामान्य उदाहरण पेपर में दिया गया उद्धरण है: “75 से ऊपर किसी के पास iPhone नहीं होना चाहिए!”
लेखक लिखते हैं कि इन दृष्टिकोणों से बुजुर्गों के जीवन भर के कौशल और ज्ञान का अनादर होता है। आयु‑आधारित व्यवहार स्वायत्तता, शक्ति और आत्म‑सम्मान कम कर सकता है। दूसरी ओर, जब परिवार समर्थन देता है तो बुजुर्गों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर दिखता है।
कठिन शब्द
- आयु‑विरोध — उम्र के कारण लोगों के साथ भेदभाव या पूर्वाग्रहआयु‑आधारित
- परंपराएँ — किसी समूह की पुरानी रीतियाँ या आदतें
- नकारात्मक धारणा — किसी चीज़ के बारे में मन में बनी सोच या विश्वास
- अनादर — सम्मान न देना या कम मानना
- स्वायत्तता — खुद निर्णय लेने की क्षमता
- आत्म‑सम्मान — खुद के लिए सम्मान और अपने मूल्य की भावना
- समर्थन — मदद या सहारा देना, साथ देना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपके परिवार में बुज़ुर्गों के लिए कोई खास परंपरा या नियम हैं? एक-दो उदाहरण दीजिए।
- लेखक कहते हैं कि परिवार का समर्थन बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डालता है। आपके विचार में परिवार किस तरह का समर्थन दे सकता है?
- अगर आपने कभी कोई नकारात्मक धारणा सुनी है, तो आप उस स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देंगे?