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स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
2 मिनट
114 शब्द
टीम ने Saccharomyces boulardii (Sb) नामक खमीर पर ध्यान दिया। उन्होंने प्रयोग के लिए बाजार में उपलब्ध एक स्ट्रेन चुना जो आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं था। शोधकर्ताओं ने Sb को उन चूहों में डाला जिनकी आंत में कोई माइक्रोबायोम नहीं था और उन्होंने मल व आंत के नमूने लिए।
नमूना-संग्रहण और विश्लेषण की नई तकनीकें इस्तेमाल कर वे खमीर द्वारा बनाए गए RNA को माप सके। उन्हें दिखा कि कुछ जीन आंत में ज्यादा सक्रिय होते हैं और उनमें प्रोमोटर भाग होते हैं। इन प्रोमोटरों को इस्तेमाल कर इंजीनियर किए गए खमीर को थेराप्यूटिक अणु बनाना शुरू करने का संकेत दिया जा सकता है। यह दवा देने को बेहतर बना सकता है।
कठिन शब्द
- खमीर — एक छोटा कवक जो सूक्ष्मजीवों में आता है
- स्ट्रेन — एक जीव का खास आनुवंशिक प्रकार
- माइक्रोबायोम — आंत में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का समुदाय
- नमूना-संग्रहण — जैविक नमूने लेने की सामान्य प्रक्रिया
- प्रोमोटर — जीन के पास वह भाग जो क्रिया शुरू करता है
- RNA — कोशिका में कार्य जानकारी ले जाने वाला अणु
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि शोधकर्ताओं ने माइक्रोबायोम-रहित चूहों का प्रयोग किया?
- RNA मापने से शोधकर्ताओं को क्या पता चला? अपने शब्दों में लिखिए।