रॉकफेलर विश्वविद्यालय की प्रिया राजसेतुपति ने नेतृत्व में शोध टीम ने चूहों के लगभग 200 जीनोम स्कैन किए। ये चूहे आठ अलग पैतृक लाइनों से लिए गए थे और कुछ में जंगली वंश भी शामिल था, ताकि आनुवंशिक विविधता दिखे।
शोध में प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में Homer1 जीन का प्रभाव स्पष्ट था। उच्च प्रदर्शन करने वाले चूहों में इस जीन के स्तर कम मिले और यह लोकेस चूहों में ध्यान के अंतर का लगभग 20 प्रतिशत बताता है। आगे के काम से पता चला कि असर विशेष रूप से Homer1a और Ania3 नामक दो छोटे आइसोफॉर्म्स से आता है।
किशोरावस्था में इन आइसोफॉर्म्स की प्रायोगिक कमी से जानवर तेज़, अधिक सटीक और कम ध्यान भंग होने वाले बने। वयस्क चूहों में वही परिवर्तन प्रभाव नहीं दिखा, जो एक महत्वपूर्ण विकासकाल दर्शाता है।
कठिन शब्द
- पैतृक — किसी जीव के माता-पिता से जुड़ा
- जीनोम — किसी जीव का आनुवंशिक पदार्थ
- प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स — मस्तिष्क का सामने का हिस्सा
- लोकेस — जीन का निश्चित स्थान क्रोमोसोम पर
- आइसोफॉर्म — एक ही जीन से बनने वाला अलग प्रोटीन रूपआइसोफॉर्म्स
- किशोरावस्था — वयस्क बनने के बीच का विकासकाल
- कमी — मात्रा या स्तर का घट जाना
- ध्यान भंग — केंद्रित रहने में बाधा या टूटन
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चर्चा के प्रश्न
- आपके विचार में किशोरावस्था में आइसोफॉर्म्स का असर वयस्कता से अलग क्यों दिखा?
- यह चूहों पर मिली जानकारी मनुष्यों पर किस तरह लागू हो सकती है? अपने कारण बताइए।
- अगर किसी जानवर में ध्यान में सुधार होता है, तो रोज़मर्रा के व्यवहार में क्या परिवर्तन आ सकते हैं?