स्तर A2 – प्राथमिक / एलिमेंटरीCEFR A2
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पार्किंसन रोग कुछ मस्तिष्क कोशिकाओं को धीरे‑धीरे नष्ट करता है जो शरीर की गति नियंत्रित करती हैं। इसलिए जब दिखाई देने वाले लक्षण आते हैं तब तक कई कोशिकाएं पहले ही खो चुकी होती हैं और जल्दी पहचान जरूरी है।
शोध में PET स्कैन से दो संकेतक मापे गए: डोपामाइन ट्रांसपोर्टर और सिनैप्टिक घनत्व। स्वस्थ लोगों में ये दोनों संकेतक एक साथ बदलते दिखे, खासकर स्ट्रायटम में जहाँ यह रोग अधिक प्रभावित करता है, पर पार्किंसन रोगियों में यह सम्बन्ध टूट गया।
टीम ने रोगियों और स्वस्थ स्वयंसेवकों के मस्तिष्क क्षेत्रों की तुलना की और दो अलग‑अलग ट्रेसरों से मापन लिया।
कठिन शब्द
- मस्तिष्क कोशिका — दिमाग़ में काम करने वाली छोटी इकाईमस्तिष्क कोशिकाओं
- नष्ट — धीरे‑धीरे खत्म होना या टूट जाना
- नियंत्रित — किसी चीज़ को संभालकर चलाना या सीमित रखना
- लक्षण — बीमारी का दिखाई देने वाला संकेत
- संकेतक — किसी स्थिति या बदलाव को दिखाने वाला उपाय
- डोपामाइन ट्रांसपोर्टर — मस्तिष्क का प्रोटीन जो एक रसायन को ले जाता है
- सिनैप्टिक घनत्व — न्यूरॉन के बीच जुड़े हिस्सों की संख्या
- ट्रेसर — PET स्कैन में दिखाने के लिए दिया जाने वाला पदार्थट्रेसरों
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चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि पार्किंसन में जल्दी पहचान जरूरी है?
- क्या आपको लगता है कि PET स्कैन से बीमारी के बारे में早 जानकारी मिल सकती है? क्यों?