पार्किंसन रोग अमेरिका में कई लोगों को प्रभावित करता है और यह उन मस्तिष्क कोशिकाओं को प्रभावित करता है जो गति नियंत्रित करती हैं। शोध में बताया गया कि जब दिखाई देने वाले लक्षण आते हैं तब तक प्रभावित कोशिकाओं का लगभग आधा हिस्सा पहले ही खो चुका होता है, इसलिए जल्दी पहचान महत्वपूर्ण है।
शोधकर्ताओं ने पोजीट्रॉन उत्सर्जन टोमोग्राफी (PET) का इस्तेमाल कर दो संकेतक मापे: डोपामाइन ट्रांसपोर्टर—जो डोपामाइन के अवशोषण में मदद करता है—और सिनैप्टिक घनत्व, जो कोशिकाओं के बीच कनेक्शन दिखाता है। स्वस्थ प्रतिभागियों में ये संकेतक स्ट्रायटम में साथ‑साथ बदलते दिखे, पर पार्किंसन रोगियों में यह सम्बन्ध टूट गया।
अध्ययन में 30 पार्किंसन रोगी और 13 स्वस्थ स्वयंसेवक शामिल थे। हर व्यक्ति को दो PET स्कैन दिए गए ताकि दोनों संकेतकों की तुलना की जा सके। शोध ने यह भी पाया कि डोपामाइन न्यूरॉन की कमी सिनैप्टिक कमी से अधिक थी और यह उन्नत अवस्थाओं में बढ़ जाती है।
कठिन शब्द
- प्रभावित करना — किसी पर असर डालना या वह बदल जानाप्रभावित करता है
- कोशिका — जीव की छोटी इकाई जो जीवन क्रिया चलाती हैकोशिकाओं
- पहचान — किसी चीज़ या रोग का पता लगाना और जानना
- संकेतक — किसी स्थिति या बदल को मापने वाला संकेत
- डोपामाइन ट्रांसपोर्टर — डोपामाइन को कोशिका में ले जाने वाला प्रोटीन
- सिनैप्टिक घनत्व — न्यूरॉन के बीच कनेक्शन की मात्रा
- स्ट्रायटम — मस्तिष्क का वह हिस्सा जो गति से जुड़ा है
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- रोग के लक्षण दिखने से पहले कोशिकाओं का आधा हिस्सा खो जाना आपको क्यों चिंतित करता है? बताइए।
- जल्द पहचान महत्वपूर्ण है; क्या आपको लगता है कि जल्दी पहचान से रोगी की मदद ज्यादा हो सकती है? क्यों?
- कोशिकाओं की कमी रोज़मर्रा की गतिविधियों को कैसे प्रभावित कर सकती है? अपने विचार लिखिए।