केरल ने पहली बार किसी राज्य स्तर पर Bacillus subtilis को आधिकारिक "राज्य सूक्ष्मजीव" घोषित किया है। यह चयन Centre of Excellence in Microbiome में चल रहे कार्य का प्रतिबिंब है और केंद्र के निदेशक Sabu Thomas ने इस सूक्ष्मजीव के उपयोगों पर बात की।
B. subtilis एक ग्राम-पॉजिटिव, स्पोर बनानें वाला जीवाणु है जो प्रतिरोधी एंडोस्पोर्स बनाकर कठोर हालात में भी टिकता है। इसे प्रोबायोटिक के रूप में आंत माइक्रोबायोटा और प्रतिरक्षा को समर्थन देने के लिए उपयोग किया जा रहा है; कुछ स्ट्रेन पाचन एंजाइम और विटामिन K2 बनाते हैं।
कृषि में यह राइजोबैक्टीरिया के रूप में काम कर फाइटोहॉर्मोन बनाता है, फॉस्फेट अवशोषण सुधारता है और रोगजनकों को दबाता है। पर्यावरणीय उपयोगों में बायोडिग्रेडेशन, कम्पोस्टिंग, बायोसरफेक्टेंट उत्पादन, सीवेज ट्रीटमेंट और कंक्रीट की दरारें सील करना शामिल हैं। वैश्विक बाजार का मूल्य 2024 में लगभग US$87.66 million आंका गया था और अनुमान है कि यह 2033 तक बढ़ेगा। भारत में सरकारी नीतियों के साथ यह बाजार विकसित हो रहा है और अनुसंधान संस्थान तथा स्टार्टअप उत्पाद व वाणिज्यीकरण कर रहे हैं।
कठिन शब्द
- सूक्ष्मजीव — सूक्ष्म आकार का जीव, केवल माइक्रोस्कोप से दिखता
- स्पोर — मजबूत संरचना, कठिन हालात में जीव बचाती
- प्रोबायोटिक — फायदेमंद जीवाणु जो शरीर में स्वास्थ्य मदद करता
- माइक्रोबायोटा — शरीर में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का समुदाय
- राइजोबैक्टीरिया — जड़ के पास रहने वाला लाभदायक बैक्टीरिया
- फाइटोहॉर्मोन — पौधों के विकास को नियंत्रित करने वाले रसायन
- बायोडिग्रेडेशन — जीवों द्वारा पदार्थों का प्राकृतिक रूप से गलना
- वाणिज्यीकरण — किसी उत्पाद को बाजार में बेचना शुरू करना
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चर्चा के प्रश्न
- केरल ने Bacillus subtilis को राज्य सूक्ष्मजीव घोषित किया। आपको क्या लगता है, इससे स्थानीय अनुसंधान और उद्योग को क्या लाभ हो सकता है?
- लेख में कृषि में राइजोबैक्टीरिया के फायदे बताए गए हैं। क्या आपके इलाके में किसान ऐसे जैविक तरीके अपनाना चाहेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- भारत में बाजार और वाणिज्यीकरण बढ़ रहा है। आप सोचते हैं कि इससे नए उत्पाद या नौकरी के अवसर कैसे बन सकते हैं?