कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में केसर खेती हजारों परिवारों की आजीविका है और यह फसल वर्षा तथा हिमपात पर बहुत निर्भर है। वर्तमान एल निनो घटनाक्रम के चलते कई एशियाई हिस्सों में औसत से कम वर्षा देखने को मिल रही है, जिससे कश्मीर में सूखे का खतरा बढ़ रहा है।
श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान निदेशक मुख्तार अहमद ने चेतावनी दी कि अगर जनवरी की वर्षा सामान्य से कम रही तो कश्मीर के कई हिस्सों में सूखे जैसा हाल बन सकता है। उन्होंने कहा कि नवंबर और दिसंबर के घाटे की भरपाई के लिए तीन से चार प्रमुख बर्फबारी की घटनाएँ चाहिए, क्योंकि इन मौसमी बारिशों और बर्फबारी से सिंचाई के लिए पानी मिलता है। वर्ल्ड मीटियरो्लॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन ने बताया कि चल रहा एल निनो कम से कम अप्रैल 2024 तक बना रह सकता है और जून से रिकॉर्ड-उच्च जमीन व समुद्र सतह तापमानों के कारण 2023 रिकॉर्ड का सबसे गर्म वर्ष बन सकता है।
खेती के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। 1990 के दशक में वार्षिक उत्पादन औसतन लगभग 15.5 tonnes था और 5,700 hectares से मिलता था, पर 2016 तक क्षेत्र घटकर 3,715 hectares रह गया और प्रति हेक्टेयर उत्पादन लगभग 1.88 kg से कम रह गया। कृषि अर्थशास्त्री फरहत शाहीन कहती हैं कि बदलते मौसम से किसान एक ही मौसम में अपनी फसलों का 70 प्रतिशत तक खो सकते हैं। उन्होंने बेहतर सरकारी-संग्रहित आंकड़ों और अनुकूलन योजना की आवश्यकता बताई।
प्रस्तावित कदमों में पानी को अधिक कुशलता से इकट्ठा व संग्रहीत करना, बाढ़ प्रतिरोधी ढाँचे बनाना और प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना शामिल हैं। सेवानिवृत्त प्रोफेसर फिरदौस नाहवी ने वर्षा में कमी का हवाला देते हुए स्प्रिंकलर सिंचाई लगाने की सलाह दी और कहा कि बिना पानी के खेती की कल्पना नहीं की जा सकती। सरकार ने 2010 में 4.1 अरब रुपये का नेशनल सैफ्रन मिशन शुरू किया था, पर किसान कहते हैं कि उन्हें इसका असर अभी तक स्पष्ट नहीं दिखा।
कठिन शब्द
- आजीविका — लोगों की रोजी-रोटी और जीवनयापन का तरीका
- एल निनो — महासागरीय ताप और मौसम पैटर्न का असामान्य परिवर्तन
- घाटा — किसी चीज़ की कमी या नुकसान की राशिघाटे
- भरपाई — किसी कमी या घाटे को पूरा करना
- सिंचाई — खेती के लिए पानी प्रदान करने की प्रक्रिया
- अनुकूलन योजना — परिवर्तन के असर से निपटने की व्यवस्थित योजना
- प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली — खतरे की जल्दी जानकारी देने वाली व्यवस्था
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- पानी को अधिक कुशलता से इकट्ठा व संग्रहीत करने के कौन से व्यावहारिक तरीके आप कश्मीर के किसानों के लिए सुझाएँगे? कारण लिखिए।
- नेशनल सैफ्रन मिशन 2010 में शुरू हुआ पर किसान कहते असर स्पष्ट नहीं दिखा। आप क्या कारण मानते हैं और कार्यक्रम सुधारने के लिए क्या कदम सुझाएँगे?
- अगर जनवरी में वर्षा सामान्य से कम रही तो स्थानीय समुदाय और केसर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ सकते हैं? अपने विचार उदाहरण के साथ बताइए।