Science Advances में प्रकाशित अध्ययन में अनुसंधान दल ने सभी जीवन समूहों में लगभग 2 million प्रजातियों के टैक्सोनोमिक इतिहास का विश्लेषण किया। शोध में पाया गया कि 2015–2020 के बीच औसतन 16,000 से अधिक नई प्रजातियाँ प्रति वर्ष दर्ज हुईं; इसमें 10,000 से अधिक जानवर, लगभग 2,500 पौधे और लगभग 2,000 कवक शामिल थे।
मुख्य लेखाकार John Wiens ने कहा कि खोज की रफ्तार बढ़ रही है और यह विचार कि प्रजातियाँ खत्म हो रही हैं, पूरी तरह सही नहीं दिखता। टीम ने खोज दरों को अनुमानित विलुप्ति दर (लगभग 10 प्रति वर्ष) से तुलना की और खोज दर कहीं अधिक पाई। शोध ने मछलियों, उभयचरों और पौधों की कुल संख्या के अनुमान भी बताए और संकेत दिया कि वास्तविक कुल ज्ञात संख्या 2.5 मिलियन से कहीं अधिक हो सकती है।
अधिकतर नई प्रजातियाँ अभी दृश्य लक्षणों से पहचानी जा रही हैं, पर बेहतर आणविक या जीनोमिक तकनीकें bactéria और fungi जैसे समूहों में छिपी हुई प्रजातियाँ खोज सकेंगी। शोधकर्ता कहते हैं कि खोज संरक्षण के लिए आवश्यक है क्योंकि बिना वैज्ञानिक विवरण के प्रजातियों की सुरक्षा नहीं हो सकती।
कठिन शब्द
- टैक्सोनोमिक — जीवों को वैज्ञानिक रूप से वर्ग करने का तरीका
- प्रजाति — एक ही प्रकार के जीवों का समूहप्रजातियों, प्रजातियाँ
- विलुप्ति — किसी जीव समूह का खत्म हो जाना
- खोज दर — प्रति समय नई प्रजातियाँ मिलने की गतिखोज दरों
- आणविक — अणु और जीन से जुड़ी वैज्ञानिक पद्धति
- संरक्षण — प्रकृति और जीवों की रक्षा करने की क्रिया
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चर्चा के प्रश्न
- खोज दरों में वृद्धि का मतलब आपके हिसाब से क्या हो सकता है?
- बेहतर आणविक तकनीकें प्रजातियों की खोज और संरक्षण में कैसे मदद कर सकती हैं?
- आपके समुदाय में बिना वैज्ञानिक विवरण वाली प्रजातियों की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं?
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