मिज़ौरी विश्वविद्यालय की एक शोध टीम घर में लगे सेंसर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को जोड़कर ALS रोगियों में स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों का पता लगाने वाला सिस्टम परख रही है। ALS उन तंत्रिका कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है जो मांसपेशियों की गतिविधि नियंत्रित करती हैं, और इसका असर बोलने, निगलने, चलने और सांस लेने जैसी रोज़मर्रा की क्षमताओं पर होता है। बीमारी का विकास हर व्यक्ति में अलग और कभी-कभी तेज़ तथा कम予測योग्य होता है, इसलिए क्लीनिक के दौरों के बीच विस्तृत जानकारी अक्सर अनुपलब्ध रहती है।
सेंसर तकनीक को मूल रूप से Marjorie Skubic (College of Engineering) और Marilyn Rantz (Sinclair School of Nursing) ने बुजुर्गों की निगरानी के लिए विकसित किया था। उन उपकरणों ने व्यवहार और शारीरिक गतिविधि में बदलाव जैसे चलने और सोने के पैटर्न पकड़कर गंभीर घटनाओं को रोकने में मदद की। Bill Janes ने ALS देखभाल के लिए इन सेंसरों को ढालने का नेतृत्व किया, और Mizzou के School of Medicine तथा Institute for Data Science and Informatics इसके सहयोगी हैं।
टीम अभी सत्यापित कर रही है कि सेंसर डेटा रोगियों की वास्तविक दुनिया की कार्यक्षमता को सही ढंग से दिखाता है। उसके बाद परियोजना भविष्यसूचक मॉडलिंग चरण में जाएगी ताकि संग्रहीत डेटा की व्याख्या की जा सके। सेंसर सिग्नल दो छोटे बॉक्स के माध्यम से वायरलेस तरीके से भेजे जाते हैं और फिर विश्वविद्यालय के सिस्टमों पर सुरक्षित रूप से विश्लेषण के लिए स्थानांतरित होते हैं। शोधकर्ता मशीन लर्निंग से मॉडल बनाते हैं जो ALS Functional Rating Scale Revised (ALSFRS-R) पर रोगी का स्कोर अनुमानित करते हैं।
Noah Marchal परियोजना के डेटा विज्ञान भाग का नेतृत्व करते हैं और उनके सलाहकार Xing Song हैं। टीम का लक्ष्य समस्या का पहले पता लगाना है, जैसे चाल या श्वसन में बदलाव जो गिरने या अस्पताल में भर्ती होने की ओर ले जा सकते हैं। बाद के चरण में मॉडल क्लिनिकल वर्कफ़्लो में जोड़ा जाएगा ताकि यदि भविष्यसूचक मॉडल चिंताजनक गिरावट दिखाए तो क्लीनिशियन अलर्ट लेकर मरीज की जाँच कर सकें, दवा समायोजित कर सकें, सहायक उपकरण सुझा सकें या आगे इलाज पर विचार कर सकें। शुरुआती परिवार प्रतिक्रियाएँ सकारात्मक रहीं और शोधकर्ता इस पद्धति को पार्किंसंस रोग या हृदय विफलता जैसे अन्य दीर्घकालिक रोगों की निगरानी के लिए भी अनुकूलित कर सकते हैं। यह अध्ययन जर्नल Frontiers in Digital Health में प्रकाशित हुआ और University of Missouri ने इसे रिपोर्ट किया।
कठिन शब्द
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता — संगणक द्वारा मानव जैसे निर्णय लेने की क्षमता
- सत्यापित — किसी चीज़ की सच्चाई या मान्यता की जाँच करना
- भविष्यसूचक — आने वाले समय में घटनाओं का संकेत देने वाला
- मशीन लर्निंग — डेटा से पैटर्न सीखकर मॉडल बनाने की तकनीक
- संग्रहीत — डेटा या जानकारी को सुरक्षित रूप से जमा रखना
- कार्यक्षमता — किसी व्यक्ति की रोज़मर्रा की करने की क्षमता
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- घर में लगे सेंसर और भविष्यसूचक मॉडल क्लिनिकल वर्कफ़्लो में जुड़ने से ALS मरीजों की देखभाल कैसे बदल सकती है? कारण बताइए।
- सेंसर डेटा का दूरस्थ विश्लेषण परिवारों और क्लीनिशियनों के निर्णयों को किस तरह प्रभावित कर सकता है? उदाहरण दें।
- लेख कहता है कि यह पद्धति पार्किंसंस या हृदय विफलता जैसी बीमारियों के लिए भी अनुकूलित की जा सकती है। ऐसी अनुकूलन के क्या फायदे और सीमाएँ हो सकती हैं?
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