बांग्लादेश: 12 फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव और सोशल मीडियाCEFR B1
10 फ़र॰ 2026
आधारित: Mohammad Tarek Hasan, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Kelly Sikkema, Unsplash
बांग्लादेश 12 फरवरी 2026 को अपने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव कर रहा है और चुनावी मुहिम तेजी से सोशल मीडिया पर केंद्रित हो गई है। फेसबुक, टिक्टोक, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म अब राजनीतिक संदेश बनाने और फैलाने का प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। रिपोर्ट में देश में 186 million सक्रिय मोबाइल कनेक्शन, 82.8 million इंटरनेट उपयोगकर्ता (47 प्रतिशत) और 64 million सोशल मीडिया उपयोगकर्ता बताए गए हैं।
राजनीतिक दल और उम्मीदवार ऑनलाइन पहुँच पर ध्यान दे रहे हैं। प्रमुख नेताओं के सोशल मीडिया फॉलोअर भी बड़े हैं, जिससे वीडियो, लाइव स्ट्रीम और इंटरैक्टिव सामग्री जैसे गीत और गेम तक पहुँच आसान हुई है। चुनाव आयोग ने ऑनलाइन अभियान के नियम जारी किए हैं; उम्मीदवारों को अपने आधिकारिक अकाउंट पहले जमा करने होंगे और भ्रामक या हानिकारक सामग्री पर पाबंदी होगी। नियम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मीडिया में छेड़छाड़ पर भी रोक लगाते हैं।
फैक्ट-चेक समूहों और मीडिया ने भ्रामक तथा AI-नियंत्रित सामग्री में वृद्धि देखी है। रिपोर्टों में कई प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक मामलों और AI-जनित पोस्टों का उल्लेख है। प्लेटफॉर्म भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जैसे टिक्टोक का चुनाव आयोग के साथ 'Election Information Center' खोलना। यह स्पष्ट नहीं है कि ये उपाय कितना प्रभावी होंगे।
कठिन शब्द
- चुनावी — चुनाव से जुड़ा प्रचार या गतिविधि
- प्लेटफॉर्म — इंटरनेट पर काम करने वाली सेवाएँ या साइटें
- सक्रिय — लगातार काम कर रहा या चालू होना
- उपयोगकर्ता — इंटरनेट या सेवाओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्तिइंटरनेट उपयोगकर्ता, सोशल मीडिया उपयोगकर्ता
- भ्रामक — सही न होने वाली या ग़लत जानकारी
- पाबंदी — किसी काम को रोकने की कानूनी या आधिकारिक सीमा
- फैक्ट-चेक — संदिग्ध जानकारी की जांच करने का काम
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस — कम्प्यूटर द्वारा मानवीय समझ का अनुकरण करने वाली तकनीक
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- सोशल मीडिया पर चुनावी प्रचार के क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं? अपने अनुभव से बताइए।
- आप क्या सोचते हैं—आधिकारिक अकाउंट जमा करना और पाबंदी से गलत जानकारी कम होगी? क्यों या क्यों नहीं?
- फैक्ट-चेक समूहों और मीडिया की भूमिका चुनावों में लोगों की मदद कैसे कर सकती है?