शोध ने दिखाया कि ट्रॉमैटिक मस्तिष्क चोट वाले वयस्कों में कंप्यूटर-आधारित संज्ञानात्मक प्रशिक्षण से मस्तिष्क की संरचना और सोचने की क्षमता में सुधार हो सकता है। न्यूरोप्लास्टिसिटी, यानी मस्तिष्क की तंत्रिकाओं के फाइबर बदलने और पुनर्व्यवस्थित होने की क्षमता, इसमें एक केंद्रीय धारणा रही।
अध्ययन में 17 वयस्कों (आयु 24–56) को यादृच्छिक रूप से दो समूहों में बाँटा गया। प्रयोगात्मक समूह ने Brain Fitness Program 2.0 नामक कंप्यूटर प्रोग्राम के खेल खेले, जिनमें अक्षरांश अनुक्रम याद करना, अलग-अलग ध्वनि आवृत्तियों में भेद करना और मौखिक कहानी से विवरण याद करना शामिल था। प्रतिभागियों ने कई सत्र पूरे किए और शोध टीम ने मस्तिष्क स्कैन के जरिए परिवर्तनों को मापा।
जिन लोगों ने पूरे कार्यक्रम किए, उन्होंने नियंत्रण समूह की तुलना में न्यूरोप्लास्टिसिटी में महत्वपूर्ण परिवर्तन और प्रोसेसिंग स्पीड, ध्यान तथा वर्किंग मेमोरी के परीक्षणों में बेहतर नतीजे दिखाए। यह शोध Journal of Neurotrauma में प्रकाशित हुआ। स्रोत: NYU।
कठिन शब्द
- न्यूरोप्लास्टिसिटी — मस्तिष्क में तंत्रिकाओं का बदलना और व्यवस्थित होना
- संज्ञानात्मक प्रशिक्षण — दिमाग की सोच और स्मृति सुधारने वाले अभ्यास
- ट्रॉमैटिक — गंभीर चोट से जुड़ा या तीव्र
- प्रयोगात्मक — किसी परीक्षण या अध्ययन के लिए किया गया
- नियंत्रण — तुलना के लिए उपयोग किया जाने वाला समूह
- वर्किंग मेमोरी — छोटे समय के लिए जानकारी रख कर काम करना
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप ऐसे कंप्यूटर-आधारित अभ्यास करके अपनी सोच या स्मृति सुधारना चाहेंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- न्यूरोप्लास्टिसिटी के बारे में यह शोध किस तरह से चोट से उबरने में मदद कर सकता है?
- छोटे समूह के इस अध्ययन के फायदे और सीमाएँ क्या हो सकती हैं?