नया शोध बताता है कि ट्रॉमैटिक मस्तिष्क चोट वाले वयस्कों में कंप्यूटर-आधारित संज्ञानात्मक पुनर्स्थापन से मस्तिष्क की संरचना और संज्ञानात्मक कार्यों में सुधार आ सकता है। न्यूरोप्लास्टिसिटी को शोध में उस क्षमता के रूप में परिभाषित किया गया है जिसके जरिये मस्तिष्क学习 और मानसिक प्रक्रियाओं का समर्थन करने वाली तंत्रिका फाइबरों को बदल और पुनर्व्यवस्थित कर सकता है। ये फाइबर न्यूरॉन्स के बीच संचार में सहायता करते हैं और भाषण, स्मृति तथा समस्या-समाधान जैसे कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं।
शोध में 17 वयस्क (आयु 24–56) को यादृच्छिक रूप से एक प्रयोगात्मक और एक नियंत्रण समूह में बाँटा गया। प्रयोगात्मक समूह ने Brain Fitness Program 2.0 का उपयोग किया, जिसमें अक्षरांश अनुक्रम याद करना, भिन्न ध्वनि आवृत्तियों में भेद करना और मौखिक कहानी से विवरण याद करना जैसे संज्ञानात्मक खेल शामिल थे। प्रतिभागियों ने कुल 40 एक-घंटे के सत्र 14 सप्ताह में पूरे किए।
टीम ने डिफ्यूजन मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (MRI) से मस्तिष्क में पानी के अणुओं की गति और दिशा मापी और तंत्रिका फाइबर मार्गों में परिवर्तनों का पालन किया। जिन लोगों ने खेल पूरे किए, उन्होंने समय के साथ न्यूरोप्लास्टिसिटी में महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाए बनिस्बत उन लोगों के जिन्होंने कार्यक्रम पूरा नहीं किया। संरचनात्मक परिवर्तन प्रोसेसिंग स्पीड, ध्यान और वर्किंग मेमोरी के परीक्षणों में नापे जाने वाले लाभों से जुड़े रहे।
NYU Steinhardt के संज्ञानात्मक न्यूरोविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर Gerald Voelbel ने कहा कि यह अध्ययन मस्तिष्क के श्वेत पदार्थ में बदलाव दिखाता है और बताता है कि क्रॉनिक ब्रेन इंजरी वाले वयस्कों में कंप्यूटर-आधारित संज्ञानात्मक पुनर्स्थापन न्यूरोप्लास्टिसिटी उत्पन्न कर सकता है। Voelbel ने यह भी कहा कि तंत्रिका फाइबरों की बढ़ी हुई मजबूती और स्थिरता का संबंध सुधारती संज्ञानात्मक क्षमता से था। शोध Journal of Neurotrauma में प्रकाशित हुआ। स्रोत: NYU।
कठिन शब्द
- न्यूरोप्लास्टिसिटी — मस्तिष्क में तंत्रिका संरचना बदलने की क्षमता
- तंत्रिका फाइबर — न्यूरॉन्स के बीच संकेत पहुंचाने वाले तंतुतंत्रिका फाइबरों, तंत्रिका फाइबरों की
- डिफ्यूजन मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग — मस्तिष्क में पानी अणु गति मापने की इमेजिंग प्रक्रियाMRI
- संज्ञानात्मक पुनर्स्थापन — संज्ञानात्मक क्षमताओं को सुधारने की चिकित्सा प्रक्रियाकंप्यूटर-आधारित संज्ञानात्मक पुनर्स्थापन
- श्वेत पदार्थ — मस्तिष्क का वह हिस्सा जहाँ तंतु होते हैं
- प्रोसेसिंग स्पीड — सूचना तेजी से संभालने की क्षमता
- वर्किंग मेमोरी — तुरंत जानकारी बनाए रखने और उपयोग करने की क्षमता
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चर्चा के प्रश्न
- कंप्यूटर-आधारित संज्ञानात्मक पुनर्स्थापन के क्या संभावित फायदे और सीमाएँ हो सकती हैं?
- मस्तिष्क के श्वेत पदार्थ में संरचनात्मक बदलाव से रोजमर्रा के क्या काम प्रभावित हो सकते हैं? उदाहरण दीजिए।
- यदि आप इस अध्ययन को आगे बढ़ाएँ तो आप कौन से अतिरिक्त परीक्षण या समूह जोड़ना चाहेंगे, और क्यों?