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इगोर कों: एक डॉक्यूमेंट्री और उनकी कहानी (स्तर B2) — people walking on street during daytime

इगोर कों: एक डॉक्यूमेंट्री और उनकी कहानीCEFR B2

16 अप्रैल 2025

स्तर B2 – ऊपरी-मध्य स्तर
7 मिनट
405 शब्द

नयी डॉक्यूमेंट्री "Why I Swam Against the Current" इगोर कों की जीवनगाथा दर्शाती है और Artdocfest में मार्च 2025 में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीतकर उभरी। फिल्म बर्लिन स्थित Narra स्टूडियो और स्वतंत्र पत्रकार सहकारी Bereg द्वारा निर्मित है और Meduza के YouTube चैनल पर जारी हुई।

कों का जन्म 1928 में सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ। वे अपनी माँ के साथ बड़े हुए; उनके पिता का जीवन में कम ही भाग था। उन्होंने लेंनिनग्राद की घेराबंदी के समय निकासी का अनुभव किया। पढ़ाई उन्होंने Chuvashiya State Pedagogial University से शुरू की और फिर लौटकर लेंनिनग्राद में इतिहास और सामाजिक विज्ञान में रुचि जारी रखी।

वह उन वर्षों में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में काम करते रहे जब सोवियत सत्ता में इन विषयों पर सख्त राजनीतिक सीमाएँ थीं। उन्होंने कई बार नौकरी बदली और बेरोजगारी का सामना किया। यह भी बताया गया कि यहूदी मूल के लोगों के साथ अकादमिक और श्रम बाजार में भेदभाव होता था, जिसने उनके अवसरों को प्रभावित किया।

मध्य 1980 के दशक तक उन्हें कई वर्षों तक यूएसएसआर का एकमात्र सेक्सोलॉजिस्ट माना गया; वे मीडिया में नियमित रूप से दिखते और विदेशी अकादमिक साहित्य का हवाला देते थे। 1988 की फिल्म "Маленькая Вера" (Little Vera) के दर्शकों के सन्दर्भ से उस दौर की सांस्कृतिक बदलती तस्वीर भी उभरती है, और 1993 में समलैंगिकता की आपराधिक सूची से हटना एक महत्वपूर्ण बदलाव था।

कों एड्स और सार्वजनिक नीति पर भी काम कर रहे थे जब महामारी देर के यूएसएसआर तक पहुंची; रूस में HIV के इलाज के प्रोटोकॉल 1990 से मौजूद थे और प्रभावी विदेशी दवाओं से इलाज 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू होने से पहले मुफ्त उपलब्ध था। 1990 के दशक में उन्होंने समलैंगिकता पर शोध किया और 2000 के शुरुआती सालों में लिंग भूमिकाओं का अध्ययन किया। पुतिन युग में उन्हें राज्य और चर्च के कुछ नेताओं से विरोध का सामना करना पड़ा। डॉक्यूमेंट्री में 30 जनवरी 2001 को मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी में उनके व्याख्यान का दृश्य दिखता है, जब अपमानजनक पोस्टर, आतिशबाज़ी और पाई फेंकने जैसी घटनाएँ हुईं; बाद में उन्हें नकली बम और मौत की धमकियाँ मिलीं।

कों का देहांत 2011 में हुआ और उनकी चिता की राख उनकी माँ के समान कब्र में गुप्त रूप से दफन कर दी गयी। निर्देशक इगोर सद्रीएव ने कहा कि कों वास्तविकता से छिपकर नहीं रहे, बल्कि समाज के कठिन और वर्जित सवालों पर बोलकर वैज्ञानिक साहस और नैतिक जिम्मेदारी दिखाते थे; फिल्म इसी आंतरिक स्वतंत्रता की कहानी बताती है।

कठिन शब्द

  • जीवनगाथाकिसी व्यक्ति के अनुभवों और प्रमुख घटनाओं का वर्णन
  • निर्देशकफिल्म बनाने की प्रक्रिया का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति
  • सहकारीसाझा सदस्यत्व पर आधारित संगठन
  • बेरोजगारीनौकरी न होने की आर्थिक स्थिति
  • भेदभावकिसी के साथ असमान या अन्यायपूर्ण व्यवहार
  • समलैंगिकताएक ही लिंग के प्रति भावनात्मक और यौन आकर्षण
  • प्रोटोकॉलचिकित्सा या प्रशासन में लागू नियमों का समूह
  • देहांतकिसी व्यक्ति का मर जाना

युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।

चर्चा के प्रश्न

  • कों जैसे विद्वान समाज के कठिन और वर्जित सवालों पर बोलकर किस तरह योगदान दे सकते हैं? अपने कारण लिखिए।
  • डॉक्यूमेंट्री जैसी फिल्में समाज में रूढ़ि या दृष्टिकोण बदलने में कैसे प्रभाव छोड़ सकती हैं? उदाहरण दें।

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