सोशल मीडिया: जानकारी, गलत सूचना और जोखिमCEFR B1
10 नव॰ 2025
आधारित: Safa, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Mariia Shalabaieva, Unsplash
सोशल मीडिया जानकारी खोजने और समुदाय बनाने का बड़ा साधन बन गया है, पर इसके फायदे के साथ खतरे भी हैं। प्लेटफॉर्म समर्थन और जुड़ाव के मौके देते हैं, जबकि नफरत भरी भाषा, झूठ और वास्तविक दुनिया में नुकसान फैलने का जोखिम भी रहता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि तकनीक अक्सर दोनों को बढ़ाती है।
जनवरी 2025 में Mark Zuckerberg ने घोषणा की कि Meta अपना नौ साल चलने वाला थर्ड‑पार्टी फैक्ट‑चेकिंग प्रोग्राम बंद करेगी और X के community notes मॉडल को अपनाएगी। कंपनी ने कहा कि वह कुछ नीतियाँ जो LGBTQ+ उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा करती थीं, खत्म कर देगी। International Fact‑Checking Network ने इसे "एक कदम पीछे" कहा और UN के Volker Türk ने नफरत भरे ऑनलाइन कंटेंट के असली परिणामों की चेतावनी दी।
शोध और लीक रिपोर्ट्स दिखाती हैं कि प्लेटफॉर्म डिजाइन, क्लिक और इंगेजमेंट को इनाम देकर झूठ और नफरत को प्रोत्साहित कर सकते हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि 15% सबसे नियमित Facebook उपयोगकर्ता 37% झूठी हेडलाइन साझा करने के लिए जिम्मेदार थे। एल्गोरिद्म यह तय करते हैं कि लोग क्या देखें, और First Draft News के अनुसार गलत जानकारी को दिमाग से हटाना बहुत मुश्किल है।
कठिन शब्द
- जानकारी — सूचना या डेटा जो कोई बताता है।
- समर्थन — मदद या सहयोग देने की क्रिया।
- जोखिम — खतरे या नुकसान की संभावना।
- गलत — सही नहीं, गलत सूचना।
- प्रसार — किसी चीज़ का फैलाव या वितरण।
- खतरा — ख़तरनाक स्थिति या संभावित नुकसान।
- एल्गोरिदम — समस्या हल करने की प्रक्रिया।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- सोशल मीडिया पर गलत जानकारी से कैसे निपटा जा सकता है?
- आप पोस्ट की गई जानकारी की सच्चाई कैसे सुनिश्चित करते हैं?
- क्या आपको लगता है कि एल्गोरिदम में बदलाव जरूरी हैं?
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