ब्राज़ील: टीवी शूट के पीछे 'संस्कृति साफ' विवादCEFR B1
20 दिस॰ 2025
आधारित: Global Voices Brazil, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: gustavo nacht, Unsplash
अगस्त में टेलीविजन होस्ट ने मेटो ग्रॉसो के Parque Indígena do Xingu में अपने संडे शो का एक एपिसोड फिल्माया। लगभग चार महीने बाद इंस्टाग्राम पर एक सेट के पीछे का वीडियो क्लिप वायरल हुआ और यह बहस छिड़ गई कि गैर-आदिवासी लोग आदिवासी समुदायों को कैसे देखते हैं।
करीब एक मिनट बीस सेकंड के क्लिप में आदिवासी आगंतुकों को मोबाइल फोन और कैमरे से फोटो लेते दिखाया गया। वीडियो में होस्ट चिल्ला कर कहते हैं कि "मोबाइल!" और जो लोग गैर-परंपरागत कपड़े पहने थे, उनसे हटने को कहा गया। एक आदिवासी पुरुष समुदाय को यह संदेश अनुवाद कर के देता दिखा।
आदिवासी संगठनों ने मिलकर इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया और कहा कि संस्कृतियों को "साफ करने" की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी तक पहुँच एक अधिकार है और फोन समूहों को निगरानी, शिक्षा, काम और अधिकार उल्लंघन की रिपोर्टिंग में मदद करते हैं। होस्ट ने बाद में इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर कहा कि उनका उद्देश्य सांस्कृतिक प्रतिबंध लगाना नहीं था और यह केवल कला निर्देश था।
कठिन शब्द
- गैर-आदिवासी — किसी आदिवासी समुदाय के बाहर के लोग
- आदिवासी — किसी क्षेत्र के पुराने स्थानीय समुदाय या जनजातिआदिवासी समुदायों
- वायरल — इंटरनेट पर तेजी से फैलने वाला मीडिया क्लिप
- बहस — लोगों के बीच मतभेदों पर चर्चा या विवाद
- प्रौद्योगिकी — वैज्ञानिक ज्ञान से बने उपकरण और उपयोग के तरीके
- पहुँच — किसी सेवा या संसाधन का उपलब्ध होना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- बाहरी मीडिया को आदिवासी समुदायों के साथ काम करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए? अपने विचार संक्षेप में लिखें।
- आपके अनुसार प्रौद्योगिकी तक पहुंच आदिवासी समुदायों के लिए किस तरह मददगार हो सकती है? उदाहरण दें।
- यह घटना मीडिया और समाज को सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बारे में क्या सिखा सकती है?