काठमांडू में जनरेशन ज़ेड विरोध और पत्रकारों पर हमलेCEFR A2
2 अक्टू॰ 2025
आधारित: Nepali Times, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Sushanta Rokka, Unsplash
8 सितंबर को काठमांडू में जनरेशन ज़ेड विरोध शुरू हुआ और यह जल्दी हिंसक बन गया। पहले दिन कई पत्रकारों ने पास से झगड़े, घायल लोग और पुलिस की कार्रवाई देखी। शाम तक मरने वालों की संख्या 19 तक पहुँच गई।
9 सितंबर को लगभग 3:35 अपराह्न Tinkune, Kathmandu में Annapurna Post का कार्यालय आग में घिर गया और स्टाफ को निकलना पड़ा। Kantipur के फोटोजर्नलिस्ट Angad Dhakal ने काम वाले हार्ड ड्राइव खो दिए और उनके दोस्त Dipendra Dhungana पर रबर की गोली लगी।
OnlineKhabar ने गेट बंद किए और कर्मचारी बिखर गए। कई रिपोर्टर अपनी प्रेस आईडी छुपा रहे थे और कुछ ने भीड़ में जाकर पहचान छुपाई।
कठिन शब्द
- प्रदर्शनकारियों — जो लोग अपनी बात कहने के लिए बाहर आते हैं।प्रदर्शन
- अधिकारों — वो चीजें जो हर इंसान को मिलनी चाहिए।
- पत्रकारों — जो समाचार लिखते हैं या दिखाते हैं।
- सुरक्षा — खुद को या दूसरों को सुरक्षित रखना।
- भावनात्मक — दिल से जुड़ी हुई या भावनाओं से भरपूर।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपको लगता है कि प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए? क्यों?
- आपको क्या लगता है, पत्रकारों की स्थिति कैसी होगी?
- क्या आपको कभी गिल्ट महसूस हुआ है? उस समय के बारे में बताएं।