De La Rosa और सहयोगियों ने Journal of Affective Disorders में प्रकाशित इस अध्ययन में PHQ-8 के व्यवहारिक निष्कर्ष दिए। उन्होंने nearly 32,000 US adults के 2019 National Health Interview Survey डेटा का विश्लेषण किया और मापन अनियमितता की जाँच के लिए डेटा विज्ञान के उपायों का उपयोग किया। परिणामों ने दर्शाया कि PHQ-8 पुरानी पीड़ा वाले और बिना पीड़ा वाले लोगों के लिए समान रूप से सुसंगत स्कोर देता है, यानी साझा लक्षणों से स्कोर का कृत्रिम बढ़ना नहीं दिखा।
De La Rosa ने नैदानिक निहितार्थ पर कहा कि चिकित्सकों को सकारात्मक अवसाद स्क्रीन को भरोसेमंद मानकर मरीजों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता देने में संकोच नहीं करना चाहिए और यह बातचीत संवेदनशील तरीके से होनी चाहिए ताकि मरीज कलंकित महसूस न करें। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षणों में पुरानी पीड़ा वाले लोगों को शामिल करना वैज्ञानिक रूप से उचित है और इससे शोध अधिक प्रतिनिधि बनेगा।
अध्ययन में सह-लेखकों में University of Arizona, Arizona State University, और Johns Hopkins School of Medicine के सहयोगी शामिल थे और अनुसंधान को National Institutes of Health ने समर्थित किया। पिछले कामों के अनुसार 1 में से 5 लोगों को पुरानी पीड़ा के साथ अवसाद होता है, और जिनमें महत्वपूर्ण अवसाद लक्षण हैं उनमें से आधे से अधिक के पास भी पुरानी पीड़ा पायी जाती है। Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार 2023 में approximately 64 million US adults ने पुरानी पीड़ा का अनुभव किया।
कठिन शब्द
- निष्कर्ष — किसी अध्ययन या लेख का मुख्य परिणाम
- मापन — कोई चीज़ नापने का या आँकड़ा इकठ्ठा करने का कार्य
- सुसंगत — एक जैसा और बिना विरोध के मिलने वाला
- निहितार्थ — किसी बात से निकले हुए सुझाये या मायने
- संवेदनशील — आसानी से भावनात्मक या शारीरिक रूप से प्रभावित होने वाला
- प्रतिनिधि — किसी समूह का सूक्ष्म या सामान्य उदाहरण
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चर्चा के प्रश्न
- यदि शोध में पुरानी पीड़ा वाले लोगों को शामिल किया जाए तो परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? अपने विचार बताइए।
- चिकित्सक अवसाद स्क्रीन के सकारात्मक परिणाम पर मरीज से संवेदनशील तरीके से कैसे बातचीत कर सकते हैं? उदाहरण दें।
- यदि बहुत से वयस्क पुरानी पीड़ा का अनुभव करते हैं, तो इससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या चुनौतियाँ आ सकती हैं?