शोधपत्र Journal of Affective Disorders में प्रकाशित हुआ। शोधकर्ता Jennifer S. De La Rosa और उनकी टीम ने 2019 National Health Interview Survey के nearly 32,000 US adults के डेटा का विश्लेषण किया। उन्होंने डेटा विज्ञान के तरीके अपनाकर मापन अनियमितता (measurement invariance) की परीक्षा की ताकि यह देखा जा सके कि PHQ-8 पक्षपात दिखाता है या नहीं।
विश्लेषण के बाद टीम ने पाया कि PHQ-8 पुरानी पीड़ा वाले और बिना पीड़ा वाले लोगों के लिए सुसंगत स्कोर देता है और किसी तरह के कृत्रिम वृद्धि का सबूत नहीं मिला। लेख में शोधकों ने नैदानिक निहितार्थ पर जोर दिया: चिकित्सकों को सकारात्मक स्क्रीन मिलने पर मदद देने से हिचकिचाना नहीं चाहिए और बातचीत में संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
अध्ययन ने यह भी दिखाया कि पुराने कामों के अनुसार 1 में से 5 लोगों में पुरानी पीड़ा के साथ अवसाद होता है, और जिनमें महत्वपूर्ण अवसाद लक्षण हैं उनमें से आधे से अधिक के पास भी पुरानी पीड़ा है। एक फॉलो-अप पेपर ने बताया कि पुरानी पीड़ा वाले वयस्कों में चिंता और अवसाद अधिक प्रायः होते हैं, पर वे मानसिक स्वास्थ्य देखभाल तक कम पहुँच पाते हैं।
कठिन शब्द
- मापन अनियमितता — विभिन्न समूहों में परीक्षण का समान मतलब होना
- पक्षपात — किसी समूह के प्रति गैर-न्यायपरक झुकाव
- सुसंगत — एक जैसा और विश्वसनीय परिणाम देने वाला
- नैदानिक निहितार्थ — किसी शोध के इलाज और चिकित्सा व्यवहार पर असर
- संवेदनशीलता — दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता
- फॉलो-अप — बाद में किए गए अतिरिक्त अध्ययन या जाँच
- प्रायः — अक्सर या बार-बार होने का अर्थ
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप क्यों सोचते हैं कि चिकित्सकों को सकारात्मक स्क्रीन मिलने पर मदद करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए?
- यदि किसी रोगी में पुरानी पीड़ा और अवसाद दोनों हैं, तो आप किन प्रकार की सहायता या कदम सुझाएँगे?
- मानसिक स्वास्थ्य देखभाल तक कम पहुँच होने के क्या कारण हो सकते हैं और इसे कैसे सुधार सकते हैं?