शोध में दर्शाया गया है कि prelimbic कोर्टेक्स से paraventricular थालामस तक का एक विशिष्ट सर्किट ओपिओइड-सम्बंधित cravings और दवा-खोज व्यवहार को प्रेरित करता है। यह काम Washington State University’s College of Veterinary Medicine के integrative physiology and neuroscience विभाग के शोधकर्ताओं से आया और Journal of Neuroscience में प्रकाशित हुआ। टीम ने मानव ओपिओइड उपयोग की नकल करने वाले एक प्रीक्लिनिकल मॉडल का उपयोग किया ताकि व्यवहारिक परिणामों को देखा जा सके।
उद्देश्य paraventricular थालामस प्रतिक्रिया के upstream ड्राइवर की पहचान करना था ताकि cravings कैसे बनती हैं और कैसे हस्तक्षेप किया जा सके, यह समझा जा सके। टीम ने मार्ग की गतिविधि घटाने के लिए दो प्रमुख तकनीकें अपनाईं:
- केमोजेनेटिक्स (chemogenetics): prelimbic कोर्टेक्स के उन न्यूरॉनों में डिजाइनर रिसेप्टर डाला गया जो paraventricular थालामस को प्रोजेक्ट करते हैं; उस रिसेप्टर को एक विशिष्ट दवा से सक्रिय करने पर मार्ग की सक्रियता और हीरोइन-तलाश व्यवहार दोनों घट गए।
- ऑप्टोजेनेटिक (optogenetic): paraventricular थालामस में फाइबर-ऑप्टिक इम्प्लांट कर कम-फ्रीक्वेंसी प्रकाश पैटर्न दिया गया, जिससे कनेक्शन धीरे-धीरे संवेदनहीन हुआ और प्रकाश विधि ने केमोजेनेटिक्स से देखे गए प्रभाव को लगभग दोगुना कर दिया।
लेख में यह भी कहा गया है कि संयुक्त राज्य में 2023 में ओपिओइड्स 79,000 से अधिक मौतों का प्रमुख कारण थे। पुनरावृत्ति आम है — लगभग 60% लोग एक सप्ताह के भीतर लौट जाते हैं जब उन्होंने इनपेशेन्ट डिटॉक्सिफिकेशन पूरा किया, और बिना medication-assisted treatment के शॉर्ट-टर्म इनपेशेन्ट देखभाल के बाद छह महीने के भीतर जितने अधिक हो सके उतने 77% तक लौटते हैं। शोधकर्ता सुझाव देते हैं कि समान दृष्टिकोण, जैसे deep brain stimulation, संभवतः मनुष्यों और अन्य दवाओं के लिए भी अपनाया जा सकता है। अगला प्रयोग यह जांचेगा कि दवा-संबंधित रोशनियाँ और ध्वनियाँ जैसे पर्यावरणीय संकेत कैसे गतिशील रूप से इस सर्किट को सक्रिय करते हैं और पुनरावृत्ति को प्रेरित करते हैं।
कठिन शब्द
- कोर्टेक्स — मस्तिष्क की बाहरी परत, सोच और व्यवहार से जुड़ीprelimbic कोर्टेक्स
- थालामस — मस्तिष्क का एक मध्य भाग, संकेत पहुंचाता हैparaventricular थालामस
- सर्किट — तंत्रिकाओं का जुड़ा हुआ नेटवर्क जो सिग्नल भेजेविशिष्ट सर्किट
- केमोजेनेटिक्स — रासायनिक तरीके से रिसेप्टर बदलने की प्रयोग विधिकेमोजेनेटिक्स (chemogenetics)
- ऑप्टोजेनेटिक — प्रकाश द्वारा न्यूरॉन सक्रियता नियंत्रित करने की विधिऑप्टोजेनेटिक (optogenetic)
- पुनरावृत्ति — पहले हुआ व्यवहार या लत का फिर लौट आना
- डिटॉक्सिफिकेशन — शरीर से नशे की दवाओं को निकालने की प्रक्रिया
- इम्प्लांट — शरीर में रखा गया उपकरण या रोशनी का हिस्साफाइबर-ऑप्टिक इम्प्लांट
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चर्चा के प्रश्न
- यदि इसी तरह के सर्किट पर मानवों में हस्तक्षेप किया जाए (जैसे deep brain stimulation), तो इसके संभावित फायदे और जोखिम क्या हो सकते हैं?
- लेख के अनुसार पर्यावरणीय संकेत (रोशनियाँ और ध्वनियाँ) पुनरावृत्ति प्रेरित कर सकते हैं — इलाज और रोकथाम योजनाओं में इन संकेतों को कैसे ध्यान में रखा जाना चाहिए?
- केमोजेनेटिक्स और ऑप्टोजेनेटिक जैसी तकनीकें प्रयोगात्मक मॉडल में उपयोगी दिखी हैं; ऐसे कदमों के नैतिक और व्यावहारिक मुद्दे क्या हो सकते हैं अगर उन्हें मानव रोगियों पर लागू करने का विचार हो?