भारत के शोधकर्ता Heterometrus bengalensis के लिए एंटीवीनम विकसित करने की दिशा में प्रगति बता रहे हैं। अध्ययन International Journal of Biological Macromolecules के सितंबर अंक में प्रकाशित होगा और इसका नेतृत्व IASST, गुवाहाटी के आशिष के. मुखर्जी ने किया। टीम ने स्पेक्ट्रोमेरी और जैव रासायनिक विश्लेषण का उपयोग कर विष का मानचित्र बनाया।
शोधकर्ताओं ने आठ प्रोटीन परिवारों में 25 अलग‑अलग टॉक्सिन की पहचान की। टीम की सदस्य सुस्मिता नाथ ने कहा कि यह पहला कदम है जिससे एक ऐसा एंटीवीनम बनाया जा सके जो एक से अधिक प्रजातियों पर काम करे, और प्रयोगशाला प्रतिप्रतारक (antidote) तैयार करने पर काम कर रही है।
विष के परीक्षण स्विस एल्बिनो चूहों पर किए गए, जिसमें प्रणालीगत विषाक्तता, लिवर एंजाइमों में वृद्धि, अंगों को नुकसान और सूजन देखी गयी। मुखर्जी ने कहा कि विष ने चूहों में "विषकारी तूफान" उकसाया और यह शॉक या गंभीर एलर्जी की ओर इशारा करता है। लेखकों ने कहा कि यह कार्य चिकित्सीय रणनीतियों में सुधार और आगे के विषविज्ञान व पारिस्थितिक अनुसंधान का आधार देगा।
कठिन शब्द
- एंटीवीनम — किसी जहर के प्रभाव को हटाने वाली दवा
- स्पेक्ट्रोमेरी — द्रव्य के प्रकाश से गुण जानने की विधि
- जैव रासायनिक — जीवों से जुड़े रसायन और क्रियाओं का संबंध
- टॉक्सिन — जीव द्वारा बनाए गया विष पदार्थ
- प्रतिप्रतारक — जहर के असर को कम करने वाली दवा
- प्रजाति — एक समान गुण रखने वाले जीवों का समूहप्रजातियों
- प्रणालीगत विषाक्तता — पूरे शरीर की प्रणालियों पर असर करने वाला विष
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- एक से अधिक प्रजातियों पर काम करने वाला एंटीवीनम बनाना क्यों उपयोगी होगा?
- अनुसंधान में जानवरों पर परीक्षण करने के क्या फायदे और सीमाएँ हो सकती हैं?
- यह शोध स्थानीय अस्पतालों में सांप या विषैले जीवों के इलाज को कैसे प्रभावित कर सकता है?