एक टीम ने बैक्टीरियोफेज़ के जीनोम को पूरी तरह सिंथेटिक रूप से बनाया और उनमें जीन-स्तरीय संपादन किया। इस काम का मकसद बैक्टीरियल संक्रमणों के वैकल्पिक इलाज के विकल्प बनाना है, खासकर तब जब एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ रहा हो। टीम ने यह मॉडल दो प्राकृतिक फेज़ेज़ पर बनाया जो Mycobacterium को निशाना बनाते हैं।
कुछ फेज़ के जीनोम बनाना कठिन होता है क्योंकि उनके डीएनए में लगभग 65% G और C बेस होते हैं। पारंपरिक सिंथेसिस विधियों के साथ यह "high GC" डीएनए तकनीकी समस्याएँ देता है। टीम ने विशेष प्रक्रियाओं से इन चुनौतियों को पार किया और अपने परिणामों को Proceedings of the National Academy of Sciences में रिपोर्ट किया।
शोध में फेज़ जीनोम को कई हिस्सों में तैयार कर के कोशिका में डाला गया, और कोशिका ने नए जीनोम के निर्देशों पर फेज़ का उत्पादन किया। इससे भविष्य में क्लिनिकल मेल और तेज़ उत्पादन संभव हो सकता है।
कठिन शब्द
- जीनोम — किसी जीव का पूरा आनुवंशिक पदार्थ
- सिंथेटिक — कृत्रिम रूप से बनाया गया
- संपादन — किसी चीज में बदलाव करना
- प्रतिरोध — किसी दवा का असर कम होना
- चुनौती — काम में आने वाली मुश्किलेंचुनौतियाँ
- पारंपरिक — पुरानी और सामान्य विधि
- कोशिका — जीव की छोटी जीवन इकाई
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ने पर वैकल्पिक इलाज क्यों ज़रूरी लगते हैं? अपने विचार दो-तीन वाक्य में बताइए।
- इस शोध से क्लिनिकल मेल और तेज़ उत्पादन कैसे फायदे दे सकता है? एक-से-दो वाक्य में समझाइए।
- आपको लगता है कि सिंथेटिक जीनोम बनाने वाले प्रयोगों में कौन सी सुरक्षा चिंताएँ हो सकती हैं? संक्षेप में लिखिए।