एक टीम ने इनहेल करने योग्य नैनोकण बनाए जो टीबी दवा रिफाम्पिन को फेफड़ों तक पहुँचाते हैं। नैनोकण फेफड़ों की प्रतिरक्षा कोशिकाओं से चिपक कर दवा धीरे-धीरे छोड़ते हैं।
शोध से पता चला कि एक डोज के बाद फेफड़ों में दवा अधिक समय तक रहती है, इसलिए रोजाना की जगह संभवतः सप्ताह में एक बार खतरे कम हो सकते हैं। टीम ने दो प्रकार के चूहा मॉडल पर परीक्षण किए ताकि परिणाम मानव रोग से मिलते-जुलते हों। अध्ययन University at Buffalo के नेतृत्व में प्रकाशित हुआ।
कठिन शब्द
- नैनोकण — बहुत छोटे कण जो दवा ले जाते हैं
- प्रतिरक्षा — शरीर की बीमारी से लड़ने की प्रणालीप्रतिरक्षा कोशिकाओं
- डोज — एक बार लिया जाने वाला दवा की मात्रा
- पहुंचाना — किसी चीज़ को किसी स्थान तक ले जानापहुंचाते हैं
- प्रकाशित होना — किसी जानकारी का सार्वजनिक रूप से जारी होनाप्रकाशित हुआ
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- टीम ने दो प्रकार के चूहा मॉडल क्यों इस्तेमाल किए?
- क्या आप सोचते हैं कि सप्ताह में एक बार दवा लेना आसान और सुरक्षित होगा? क्यों?
- नैनोकणों का फेफड़ों में अधिक समय तक रहना किस तरह मरीजों की मदद कर सकता है?
संबंधित लेख
2023-24 वैक्सीन ने XBB.1.5 सहित वेरिएंट्स के खिलाफ एंटीबॉडी बढ़ाईं
एमोरी यूनिवर्सिटी के शोध से पता चला कि 2023-24 अपडेटेड COVID-19 वैक्सीन ने XBB.1.5 को लक्षित करते हुए लंबे समय तक रहने वाली और पार‑प्रतिक्रियाशील एंटीबॉडी पैदा कीं। अध्ययन में 24 प्रतिभागियों की 6-month प्रतिरक्षा मापी गई।