लीज़ कोर्स्टन, जो पिछले साल AAS की पहली महिला अध्यक्ष बनीं, ने कहा कि अफ्रीका में पैदा हुए वैज्ञानिक साक्ष्य की कमी नीति निर्माण में रुकावट बना रही है और यह महाद्वीप की वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा की क्षमता घटा सकती है। यह टिप्पणी उन्होंने ट्रांसअटलांटिक बिग साइंस कॉन्फ्रेंस (27-28 जून) के दौरान की।
अपने खाद्य सुरक्षा शोध के अनुभव से उन्होंने बताया कि मानव, पशु और पादप स्वास्थ्य में एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध के डेटा अक्सर विकसित क्षेत्रों से आते हैं। इसलिए अफ्रीकी नीति निर्माता और शोधकर्ता उन वैश्विक आंकड़ों पर निर्भर हो जाते हैं, जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल नहीं होते। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे नीतिगत गलत कदम और निर्यात में कठिनाई हो सकती है।
AAS विज्ञान कूटनीति और नेटवर्क बनाकर स्थिति बदलना चाहती है। अकादमी एक कार्यक्रम और Nile River Basin Project शुरू कर रही है और अगस्त में फैलो और वैश्विक विशेषज्ञों के लिए कार्यशाला आयोजित करेगी। उन्होंने प्रवासी अफ्रीकी शोधकर्ताओं की वापसी और युवा मार्गदर्शन के कार्यक्रम भी बताए और कहा कि लौटने के लिए फंड के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
फंड की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कोर्स्टन ने Pretoria University और Future Africa के सहयोग और South Africa के Department of Science and Innovation द्वारा किए गए वित्तपोषण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि AAS स्थिर हो रही है और महाद्वीप में सहयोग की ओर बढ़ रही है।
कठिन शब्द
- साक्ष्य — किसी बात को साबित करने वाली जानकारी का टुकड़ावैज्ञानिक साक्ष्य
- नीति — सरकार या संस्था की करने की योजनानीति निर्माण
- एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध — सूक्ष्मजीवों की दवाओं के प्रति टिकाऊ क्षमता
- निर्यात — देश से सामान या उत्पाद बाहर भेजना
- वित्तपोषण — किसी काम के लिए पैसे या आर्थिक सहायता देना
- कूटनीति — देशों या संस्थाओं के बीच नीतिगत बातचीतविज्ञान कूटनीति
- प्रवासी — जो व्यक्ति किसी जगह से दूसरे जगह चला गया हो
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चर्चा के प्रश्न
- स्थानीय वैज्ञानिक डेटा होने से नीतियों और निर्यात पर क्या फर्क पड़ सकता है? बताइए।
- प्रवासी अफ्रीकी शोधकर्ताओं की वापसी और प्रशिक्षक‑कार्यशालाएँ आपके इलाके में कैसे मदद कर सकती हैं?
- फंड की कमी जैसी चुनौती के लिए आप क्या व्यवहारिक समाधान सुझाएँगे?