ICTforAg फोरम में तकनीक समर्थकों ने चर्चा की कि Web3 जैसी तकनीकें कृषि में डेटा के पारंपरिक मॉडलों को बदल सकती हैं। यह इंटरैक्टिव वर्चुअल कार्यक्रम 9-10 मार्च को हुआ और इसमें कहा गया कि विकेंद्रीकृत मॉडल किसानों को अधिक स्वामित्व दे सकता है।
Digital Green के सह-संस्थापक रिकिन गांधी ने बताया कि आज किसान डेटा अक्सर निजी क्षेत्र या सरकार के रिपॉजिटरी में रखा जाता है और इसकी वजह से सेवाओं और विकल्पों तक पहुंच सीमित हो सकती है। Digital Green का लक्ष्य व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ काम करके किसान संगठनों को यह तय करने में सक्षम बनाना है कि उनका डेटा कैसे साझा या नियंत्रित होगा और कुछ मामलों में मुद्रीकृत भी होगा।
Digital Green के ईस्ट अफ्रीका प्रमुख हेनरी किन्युआ ने FarmStack बताया, जो पीयर-टू-पीयर, विकेंद्रीकृत डेटा शेयरिंग के लिए सॉफ़्टवेयर टूल का समूह है और यह प्रदाताओं तथा किसानों को साझाकरण नीतियाँ बेहतर करने देता है। मंच पर यह भी कहा गया कि वीडियो सलाह स्थानीय भाषाओं में जलवायु-सक्षम प्रथाएँ सिखाती है और अब तक लगभग 2.3 million किसानों तक पहुँच चुकी है, मुख्यतः भारत, इथियोपिया और केन्या में।
कठिन शब्द
- विकेंद्रीकृत — केंद्र में न होकर अलग हिस्सों में संचालित
- रिपॉजिटरी — डेटा या फाइलें रखने का डिजिटल स्थान
- पारिस्थितिकी तंत्र — सम्मिलित संगठन, सेवाओं और संबंधों का समूह
- मुद्रीकृत — किसी वस्तु या सेवा से पैसा कमाना
- साझाकरण — जानकारी या डेटा बाँटने की प्रक्रिया
- जलवायु-सक्षम — जलवायु के अनुसार टिकाऊ कृषि तरीके
- स्वामित्व — किसी चीज़ पर अधिकार या नियंत्रण
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- क्या आपको लगता है कि विकेंद्रीकृत डेटा मॉडल किसानों को अधिक स्वामित्व देंगे? क्यों या क्यों नहीं?
- स्थानीय भाषा में वीडियो सलाह छोटे किसानों की किस तरह मदद कर सकती है? अपने अनुभव या सोच बताइए।
- किसान संगठनों को अपना डेटा साझा या नियंत्रित करने का अधिकार देने के क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं?