टेक्सास के शोधकर्ताओं ने वयस्क अस्थमा रोगियों के घरों का अध्ययन किया और देखा कि घर का माहौल अस्थमा के दौरे और लक्षणों से जुड़ा है। शोध ने चार परिणामों पर ध्यान दिया: दौरे, लक्षण, नींद की परेशानी और दैनिक गतिविधियों की सीमाएँ।
अध्ययन ने पाया कि रसोई और बाथरूम में निकासी पंखा न होना और धूम्रपान घर में जोखिम बढ़ाते हैं। जिन लोगों ने वायु शुद्धिकरण यंत्र उपयोग नहीं किया या घर में धुएँ थे, उन्हें अधिक समस्या हुई। जिन घरों में फफूंदी या कीट नहीं थे, वहाँ लोग कम समस्या रिपोर्ट करते थे। शोध ने कुछ नीतिगत सुझाव भी दिए।
कठिन शब्द
- माहौल — किसी जगह का रहने का वातावरण
- दौरा — अस्थमा के अचानक होने वाला स्वास्थ्य हमलादौरे
- निकासी पंखा — रसोई या बाथरूम से हवा बाहर निकालने वाला पंखा
- धूम्रपान — सिगरेट या तंबाकू जलाकर धुंआ लेना
- वायु शुद्धिकरण यंत्र — घर की हवा से गंदगी और कण हटाने वाला यंत्र
- फफूंदी — दीवारों या चीजों पर बढ़ने वाला काला या सफेद कवक
- नीतिगत सुझाव — सरकार या संस्थाओं के लिए दिए जाने वाले सलाह
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आप अपने घर में कौन-सा बदलाव कर सकते हैं ताकि अस्थमा की समस्या कम हो?
- घर में धूम्रपान अस्थमा रोगियों के लिए क्यों खतरा है?
- वायु शुद्धिकरण यंत्र लगाने से घर में क्या फर्क पड़ सकता है?
संबंधित लेख
कोशिकीय प्रत्यारोपण से रीढ़ की चोट के बाद हृदय और रक्त वाहिकाओं में सुधार
मिसौरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने चूहों में कोशिकीय प्रत्यारोपण करके रीढ़ की चोट के बाद नसों के नियंत्रण को आंशिक रूप से बहाल किया। इससे आराम के रक्तचाप में स्थिरता और हृदय गति में कमी आई, पर हार्मोन सक्रियता कम नहीं हुई।