नए शोध में शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के तनाव केंद्रों से डोर्सल स्ट्रायटम तक एक प्रत्यक्ष मार्ग पहचाना। तनाव केंद्रों में केंद्रीय अमिग्डाला (central amygdala, CeA) और स्ट्रिया टर्मिनलिस के बेड न्यूक्लियस (bed nucleus of the stria terminalis, BNST) शामिल बताए गए। ये क्षेत्र CRF नामक तनाव रसायन भेजते हैं।
डोर्सल स्ट्रायटम में CRF कॉलिनर्जिक इंटरन्यूरॉन्स (CINs) तक पहुँचता है। CINs एसीटाइलकोलाइन छोड़ती हैं और व्यवहार में लचीलापन बनाए रखने में मदद करती हैं, जिससे सीखना और निर्णय‑लेना बेहतर होता है।
शोध में पाया गया कि शुरुआती वापसी के दौरान शराब लगाने से CRF की CINs को सक्रिय करने की क्षमता कमजोर हो जाती है, और अकेली शराब भी CIN गतिविधि को धीमा कर देती है। इसका अर्थ है कि शराब तनाव के दौरान मस्तिष्क की अनुकूलन क्षमता घटा सकती है और लत के व्यवहारों को बढ़ा सकती है।
कठिन शब्द
- तनाव केंद्र — मस्तिष्क का वह हिस्सा जो खतरों पर प्रतिक्रिया देता हैतनाव केंद्रों
- डोर्सल स्ट्रायटम — मस्तिष्क का वह क्षेत्र जो सीखने और व्यवहार में मदद करता है
- कॉलिनर्जिक इंटरन्यूरॉन — ऐसी कोशिकाएँ जो एसीटाइलकोलाइन छोड़ती हैंकॉलिनर्जिक इंटरन्यूरॉन्स
- एसीटाइलकोलाइन — एक रसायन जो न्यूरॉन्स के बीच संकेत भेजता है
- लचीलापन — व्यवहार बदलकर नए हालात में ढलने की क्षमता
- वापसी — किसी पदार्थ या आदत से अलग रहने की अवस्था
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चर्चा के प्रश्न
- आप सोचते हैं शराब के कारण मस्तिष्क का लचीलापन कम होने से किसी व्यक्ति के सीखने पर क्या असर पड़ेगा?
- आपके विचार में यह शोध लत से जुड़ी समस्याओं को समझने में कैसे मदद कर सकता है?
- यदि शराब CIN गतिविधि को धीमा कर देती है तो परिवार या समाज ऐसे लोगों की कैसे मदद कर सकते हैं?