शोध टीम ने चूहों का व्यवहार और जड़ी-बूटी के वाष्प के स्वयं-प्रशासन का संबंध देखा। प्रयोग में चूहों को तीन हफ्तों के लिए रोज एक घंटे के सत्र में रखा गया, और प्रत्येक चूहा वाष्प पोर्ट में नाक डालकर तीन-सेकंड का कैनाबिस वाष्प जारी कर सकता था। शोधकर्ताओं ने हर जानवर के इन क्रियाओं की संख्या रिकॉर्ड की।
नतीजे बताते हैं कि जिन चूहों में आराम के दौरान आधारभूत तनाव हार्मोन, कॉर्टिकोस्टेरोन, अधिक था वे कैनाबिस का आत्म-प्रशासन करने की अधिक प्रवृत्ति दिखाते थे। यह प्रभाव तात्कालिक तनाव या चुनौती के बाद मापे गए हार्मोन से जुड़ा नहीं था।
टीम ने यह भी पाया कि संज्ञानात्मक लचीलापन कम होने पर और विज़ुअल संकेतों पर अधिक निर्भर चूहे वाष्प लेना ज्यादा पसंद करते थे। शोध का प्रकाशन Neuropsychopharmacology में हुआ और टीम में Ryan McLaughlin भी थे।
कठिन शब्द
- स्वयं-प्रशासन — किसी पदार्थ को जानवर द्वारा खुद लेने की क्रिया
- वाष्प — गर्म होने पर बनने वाला गैस जैसा पदार्थ
- कैनाबिस — एक पौधा जिससे वाष्प और दवाएँ बनती हैं
- कॉर्टिकोस्टेरोन — एक तनाव हार्मोन जो रक्त में बढ़ता है
- संज्ञानात्मक लचीलापन — बदलती स्थितियों में व्यवहार बदलने की क्षमता
- विज़ुअल संकेत — आँखों से पहचानने वाले संकेत या संकेतकविज़ुअल संकेतों
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चर्चा के प्रश्न
- आप कैसे समझते हैं कि आराम के दौरान ऊँचा कॉर्टिकोस्टेरोन चूहों के वाष्प लेने के व्यवहार को प्रभावित करता है?
- क्या आपने कभी तनाव में किसी की आदतों में बदलाव देखा है? इस शोध से आपको क्या विचार मिलता है?
- संज्ञानात्मक लचीलापन बढ़ाने के सरल तरीके क्या हो सकते हैं और इससे नशे की प्रवृत्ति पर कैसे असर पड़ सकता है?