नए विश्लेषण में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की विकसित तकनीक से यह दिखा कि जब रक्त-मस्तिष्क बाधा खोली जाती है तो ट्यूमर सामग्री रक्त में भी जाती है। शोध팀 ने प्लाज़्मा से ट्यूमर-उत्पन्न छोटे कणों, जिन्हें बाह्य कोशिकीय वेसिकल कहा जाता है, को अलग करने का तरीका अपनाया।
वे एक्सोसोम सतहों पर पाए जाने वाले एक विशेष लिपिड का इस्तेमाल करके कैंसर-उत्पन्न कण पकड़ते हैं। उनके उपकरण GlioExoChip इन कणों को अलग करता है और नमूने तरल बायॉप्सी में बदल जाते हैं।
टीम ने कीमोथैरेपी से पहले और बाद कणों की गिनती कर एक अनुपात निकाला। अनुपात बढ़ने पर इलाज सफल माना गया, और घटने या स्थिर रहने पर असफल। अध्ययन Nature Communications में प्रकाशित हुआ और इसमें कई संस्थानों के शोधकर्ता शामिल हैं।
कठिन शब्द
- विश्लेषण — सूचना या डेटा की जांच और व्याख्या करने की क्रिया
- रक्त-मस्तिष्क बाधा — मस्तिष्क और रक्त के बीच की सुरक्षा वाली परत
- बाह्य कोशिकीय वेसिकल — कोशिकाओं के बाहर निकलने वाले छोटे गोल कण
- लिपिड — वसा जैसा अणु जो कोशिका सतह में होता है
- प्लाज़्मा — रक्त का तरल भाग जिसमें कण तैरते हैं
- तरल बायॉप्सी — रक्त या तरल से निकाले गए परीक्षण के नमूने
- अनुपात — दो मापन या संख्याओं के बीच तुलना
- कीमोथैरेपी — कैंसर के इलाज के लिए दवाओं का उपयोग
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चर्चा के प्रश्न
- अगर यह तरीका डॉक्टरों को जल्दी जानकारी दे सके तो तुम्हारे हिसाब से मरीजों को क्या फायदे हो सकते हैं? स्पष्ट कारण लिखो।
- रक्त-मस्तिष्क बाधा खोलने के क्या खतरे या चिंताएँ हो सकती हैं? अपने विचार बताओ।
- तुम क्या सोचते हो: क्या तरल बायॉप्सी पारंपरिक बायॉपीसी की जगह ले सकती है? क्यों या क्यों नहीं?