शोधकर्ताओं ने एक रक्त परीक्षण बनाया जो ट्यूमर से आने वाले छोटे कणों (EVPs) को प्लाज़्मा से पकड़ता है। यह तरीका तरल बायॉप्सी जैसा काम करता है।
परीक्षण एक अभियान में किया गया जहां अल्ट्रासाउंड से रक्त-मस्तिष्क बाधा थोड़ी देर के लिए खोली गई ताकि कीमोथैरेपी दवा मस्तिष्क में पहुंच सके। इस दौरान और बाद में खून के नमूने लिए गए। शोधकर्ता पहले और बाद के नमूनों में कणों की संख्या देखते हैं और उनकी तुलना करते हैं। इससे इलाज का असर सरल तरीके से आंका जा सकता है।
कठिन शब्द
- तरल बायॉप्सी — खून से ट्यूमर जांचने की एक परीक्षण विधि
- प्लाज़्मा — खून का वह तरल भाग जिसमें कोशिकाएँ तैरती हैं
- रक्त-मस्तिष्क बाधा — खून और मस्तिष्क के बीच सुरक्षात्मक झिल्ली
- अल्ट्रासाउंड — अध्वनि तरंगों से शरीर की जाँच करने की विधि
- कण — बहुत छोटे ठोस या तरल टुकड़ेकणों
- कीमोथैरेपी — कैंसर के इलाज में दी जाने वाली दवाकीमोथैरेपी दवा
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आप सोचते हैं यह परीक्षण मरीजों के लिए आसान होगा? क्यों?
- पहले और बाद के नमूनों की तुलना करने का क्या फायदा है?
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