कुछ स्तनधारियों में गर्भधारण का अस्थायी विराम होता है, जिसे भ्रूणीय डायापॉज़ कहते हैं। यह रणनीति सील, मूस और चूहों में मिली है; मानव इसमें शामिल नहीं होते। नया अध्ययन Genes & Development में प्रकाशित हुआ है और चूहों की भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं पर केंद्रित है।
शोध टीम ने प्रयोगशाला में mTOR रोकने और Myc स्तरों को घटाने जैसे तरीकों का उपयोग कर डायापॉज़ जैसी स्थिति बनायीं। इन स्थितियों में कोशिकाएँ चयापचय, RNA उत्पादन और प्रोटीन संश्लेषण कम कर देतीं, फिर भी बहुक्रियाशीलता (pluripotency) बनाए रखतीं। जब शोधकर्ताओं ने अवरोध हटाया तो कोशिकाएँ सामान्य विकास पर लौट आयीं और स्वस्थ भ्रूणों में योगदान कर सकीं।
मॉलिक्यूलर स्तर पर विभिन्न तनावों ने MAP kinase मार्ग पर काम करने वाले 'ब्रेक' जीनों को सक्रिय किया। इन ब्रेकों के हटने से बहुक्रियाशीलता घटती और त्वरित विशेषीकरण होता है। शोधकर्ता यह भी देख रहे हैं कि यह प्रक्रिया इम्यून और ऊतक स्टेम कोशिकाओं तथा कुछ रोगी कोशिकाओं के टिके रहने से कैसे जुड़ती है।
कठिन शब्द
- भ्रूणीय — गर्भ में विकसित होने से जुड़ा
- डायापॉज़ — गर्भधारण में अस्थायी रोक की स्थिति
- अस्थायी — किसी चीज़ का स्थायी न होना
- बहुक्रियाशीलता — एक कोशिका कई प्रकार बनने की क्षमता
- अवरोध — किसी क्रिया या प्रक्रिया का रुकना
- विशेषीकरण — कोशिका का किसी ठोस भूमिका में बदलना
- चयापचय — शरीर या कोशिका का ऊर्जा और पदार्थ बदलना
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चर्चा के प्रश्न
- अगर कोशिकाएँ अवरोध हटने पर सामान्य विकास पर लौट जाती हैं, तो इससे चिकित्सा में क्या फायदे हो सकते हैं? उदाहरण दें।
- आप कैसे समझते हैं कि डायापॉज़ जैसी प्रक्रिया ऊतक स्टेम कोशिकाओं के टिके रहने से जुड़ सकती है?
- सील या मूस में मिली डायापॉज़ रणनीति के बारे में आप क्या सोचते हैं — यह प्रकृति में क्यों उपयोगी हो सकती है?